सीएम ने ली सड़कों की स्टेटस रिपोर्ट, बोले- कहीं से कोई शिकायत न आए

नवभारतटाइम्स.कॉम

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को सड़कों की स्थिति पर रिपोर्ट तलब की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़कों को लेकर कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए। जलभराव और अन्य समस्याओं के समाधान के भी आदेश दिए गए। अधिकारियों को जनता से संवाद बनाए रखने और नियमित निरीक्षण करने को कहा गया। शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर दिया गया।

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n NBT रिपोर्ट, सिविल लाइन

शहर में अब किसी भी विभाग की सड़क जर्जर हालत में नहीं रहने दी जाएगी। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को सिविल लाइन स्थित जिला परिषद भवन में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके पास सड़कों को लेकर कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने सेक्टर-4 में जलभराव सहित अन्य समस्याओं के समाधान और लक्ष्मण विहार में एक महिला के मकान को कब्जा मुक्त कराने के भी निर्देश दिए। साथ ही, कथित रूप से गलत तरीके से हुई रजिस्ट्री में संबंधित तहसीलदार की भूमिका की जांच के आदेश भी दिए गए। बैठक में रखे गए 16 मामलों में से 13 का मौके पर ही निपटारा किया गया, जबकि 3 मामलों को अगली बैठक तक लंबित रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों की स्टेटस रिपोर्ट अगली बैठक में पेश की जाए। बैठक में हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी विधायक बिमला चौधरी, सोहना विधायक तेजपाल तंवर और विधायक मुकेश शर्मा भी उपस्थित रहे।

जनता के साथ संवाद बनाए रखें अधिकारी: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे जनता के साथ संवाद बनाए रखें, ताकि किसी समस्या के समाधान के लिए लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

शिकायतें ही न देखें, खुद भी निरीक्षण करें: मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी केवल प्राप्त शिकायतों के आधार पर ही नहीं, बल्कि नियमित निरीक्षण कर स्वयं भी उन स्थानों की पहचान करें, जहां सड़क मरम्मत या पुनर्निर्माण की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के ‘म्हारी सड़क’ ऐप पर प्राप्त शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और उनका त्वरित समाधान किया जाए। आमजन को बेहतर व सुरक्षित यातायात सुविधाएं मिलें, यह बेहद जरूरी है।

शिकायत को बंद करने से पहले पीड़ित की संतुष्टि जरूर लें: मुख्यमंत्री ने सीएम विंडो के एमिनेंट पर्सन को भी निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को बंद करने से पहले शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर उनकी संतुष्टि सुनिश्चित की जाए। इसके बाद ही शिकायत के निस्तारण को अंतिम रूप दिया जाए, ताकि आमजन को वास्तविक राहत मिल सके और उनका शिकायत निवारण प्रणाली पर विश्वास मजबूत हो। बैठक के दौरान गुड़गांव मेयर राजरानी मल्होत्रा, मानेसर की मेयर डॉ. इंद्रजीत, जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा, सीपी शिवास कविराज, नगर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया, एचएसवीपी की प्रशासक वैशाली सिंह, मानेसर के निगम कमिश्नर प्रदीप सिंह, निगम की अडिशनल कमिश्नर अंकिता चौधरी, ओएसडी विवेक कालिया, एडीसी सोनू भट्ट, बीजेपी जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी, महानगर जिला अध्यक्ष अजीत यादव सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।