n NBT न्यूज, झज्जर: जिले के दुजाना गांव में 68 वर्षीय विजय सैनी की हत्या करने के आरोपियों की गिरफ्तारी दो दिन बाद भी नहीं हो पाई है। सोमवार को इसे लेकर परिजनों ने कड़ी नाराजगी जताई। परिजन पोस्टमॉर्टम होने के बावजूद भी शव लेने को राजी नहीं हुए। परिजन इस बात पर अड़े रहे कि जब तक हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक वे शव नहीं लेंगे।
मामला पेचीदा होता देख मौके पर पुलिस के कई आला अधिकारी पहुंचे और उन्होंने मृतक के परिजनों को आश्वासन दिया कि जल्द ही हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। इसके लिए पुलिस ने कई टीमें लगाई गई हैं। पुलिस के इस आश्वासन पर परिजन शव लेने के लिए राजी हुए। साेमवार शाम 5 बजे के बाद परिजन शव लेने के लिए रोहतक पीजीआई रवाना हुए और बाद में औपचारिकताएं पूरी कर लिए जाने के बाद मृतक के शव का गांव दुजाना में दाह संस्कार कर दिया गया।
पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल: इस मामले में मृतक के बेटे सुनील ने पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनके पिता विजय अपनी हत्या से पहले दो बार पुलिस कमिश्नर से जाकर मिले थे। उन्होंने आरोपी से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा बढ़ाने और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की थी। बावजूद इसके न तो सुरक्षा बढ़ाई गई और न ही आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी गांव बिरधाना निवासी संजय अपनी पत्नी की हत्या के मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। बावजूद इसके पुलिस उसे पकड़ने में सफल नहीं हुई। सुनील ने बताया कि उनके पिता की हत्या के बाद भी परिवार की सुरक्षा नहीं बढ़ाई गई है। उन्हें और उनके बच्चों को भी जान का खतरा बना हुआ है।
यह था पूरा मामला : झज्जर के दुजाना गांव के खेतों में रविवार को दो बाइकों पर आए हमलावरों ने विजय सैनी की हत्या कर दी थी। उस दौरान विजय अपने खेतों में पानी देकर अपनी साइकल पर घर लौट रहे थे। विजय के परिजन उन्हें रोहतक पीजीआई भी लेकर गए थे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस मामले में गांव बिरधाना के संजय नामक व्यक्ति पर हत्या करने का शक जताया गया है। पुलिस के एसीपी श्मशेर सिंह ने भी संजय के इस हत्याकांड में शामिल होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला जमीन के विवाद से जुड़ा है।

