FD तोड़कर और क्रेडिट कार्ड में सेंध लगा उड़ाए लाखों रुपये

नवभारतटाइम्स.कॉम

गुड़गांव में साइबर ठगों ने दो लोगों को निशाना बनाया। एक रिटायर्ड अधिकारी की 9.75 लाख रुपये की एफडी तुड़वा दी गई। दूसरे मामले में, एक व्यक्ति के क्रेडिट कार्ड से दो महीने में 7.26 लाख रुपये निकाल लिए गए। पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है। यह घटनाएं साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं को दर्शाती हैं।

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n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव: मिलेनियम सिटी में साइबर ठगों के हौसले बुलंद हैं। साइबर अपराधियों ने 2 अलग-अलग मामलों में एक रिटायर्ड सेल्स टैक्स अधिकारी और एक सोसायटी निवासी व्यक्ति को निशाना बनाकर करीब 17 लाख रुपये की ठगी कर ली। एक मामले में जालसाजों ने बैंक कर्मियों की लापरवाही का फायदा उठाकर एक बुजुर्ग की FD तुड़वा दी, जबकि दूसरे मामले में 2 महीनों तक बिना भनक लगे क्रेडिट कार्ड से लाखों रुपये निकाल लिए। साइबर थाना (पूर्व) पुलिस ने दोनों मामलों में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ठगों ने तुड़वा दी 9.75 लाख की एफडी: सेक्टर-31 निवासी श्याम दास सेल्स टैक्स डिपार्टमेंट में इंस्पेक्टर पद से रिटायर्ड हैं। उन्होंने बताया कि सिविल लाइंस स्थित एक निजी बैंक में उनका खाता है, जहां पिछले सप्ताह ही उन्होंने 9.75 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करवाई थी। रविवार को अचानक उनके मोबाइल पर खाते से रुपये कटने के मेसेज आने लगे। उन्होंने तुरंत बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर को फोन कर इसकी जानकारी दी। आरोप है कि मैनेजर ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और सोमवार को बैंक आने की बात कहकर टाल दिया। सोमवार को जब पीड़ित बैंक पहुंचे और लिखित शिकायत दी, तब भी बैंक कर्मियों ने करीब एक घंटे बाद कार्रवाई शुरू की। पीड़ित का कहना है कि यदि रिलेशनशिप मैनेजर समय पर कार्रवाई करता, तो उनकी जीवनभर की कमाई बच सकती थी।

दो महीनों में क्रेडिट कार्ड से उड़ाए ₹7.26 लाख : दूसरी वारदात सेक्टर-49 स्थित पार्क व्यू सिटी-2 की है। यहां के निवासी अशोक कुमार साइबर अपराधियों का शिकार बने। जालसाजों ने पीड़ित की अनुमति और जानकारी के बिना उनके क्रेडिट कार्ड से ₹7,26,057 निकाल लिए। हैरानी की बात यह है कि यह फर्जीवाड़ा 1-2 दिन में नहीं, बल्कि पिछले 2 महीनों में 13 मार्च से 13 मई के बीच लगातार चलता रहा। आरोप है कि ठगों ने क्रेडिट कार्ड का डेटा चोरी कर या कार्ड क्लोन कर कई बार में छोटी-बड़ी अवैध ट्रांजैक्शन कीं।