पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण आने वाले समय में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इस तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हुई हैं और विदेशी निवेशक (FII) लगातार बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में कोई ठोस प्रगति न होने से निवेशकों के मन में वैश्विक ऊर्जा सप्लाई, महंगाई और अर्थव्यवस्था की स्थिरता को लेकर चिंता बनी हुई है, इसलिए वे फिलहाल सावधानी बरत रहे हैं।

