n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव
दिल्ली के एक होटल में भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत के बाद गुड़गांव का फायर ब्रिगेड विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। इस बड़े हादसे से सबक लेते हुए विभाग ने शहर के सभी होटलों, पब, बार, क्लब और रेस्तरां की सघन जांच करने की तैयारी कर ली है। इसका उद्देश्य नियमों को ताक पर रखकर चलने वाले संस्थानों का पता लगाना है। वहीं आंकड़ों के अनुसार अभी तक 486 पब-बार-रेस्तरां सामने आए हैं, जिन्होंने फायर NOC नहीं ली है। सभी फायर स्टेशनों की रिपोर्ट के बाद इन पर कार्रवाई की जाएगी।
जिले के सभी 7 फायर स्टेशन इंचार्जों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी-अपनी टीमों के साथ अपने अधिकार क्षेत्र का तुरंत सर्वे करें। जिसके बाद पूरी रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। फायर अधिकारियों के अनुसार, जिन 486 संस्थानों के फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट लंबित/उपलब्ध नहीं हैं, उनमें कुछ ऐसे भी हो सकते हैं, जो बड़े मॉल्स में खुलते हैं और काम न चलने पर बंद हो जाते हैं। अब ऐसे सभी स्थानों की जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि वे वर्तमान में संचालित हैं या नहीं। ऐसे होटल, बार या रेस्तरां के पास फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं होगा, तो उन्हें पहले नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद भी अगर नियमों का पालन नहीं किया जाता है तो मामला कोर्ट में भेजा जाएगा, जहां जुर्माना लगाने के साथ-साथ सीलिंग की कार्रवाई भी की जा सकती है।
बेसमेंट और अवैध संचालन पर भी नज़र: विभाग ने माना कि कई स्थानों पर बिना अनुमति बेसमेंट या अन्य हिस्सों में कमर्शल गतिविधियां संचालित हो रही हैं। ऐसे मामलों में संबंधित विभागों की रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई संभव होती है। रिपोर्ट प्राप्त होते ही उस पर त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी जाती है। फिलहाल विभाग का फोकस सर्वे पूरा कर सभी अनियमितताओं को चिन्हित करना है, ताकि भविष्य में किसी भी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके। इस अभियान के जरिए फायर सेफ्टी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
966 संस्थाओं में से 480 ने लगाया सिस्टम: जिले में 966 पब-बार-रेस्तरां हैं, इनमें से 480 ने फायर सर्टिफिकेट लिया हुआ है। वहीं, 486 संस्थान ऐसे हैं जो बिना फायर NOC के संचालित हो रहे हैं। फायर ऑफिसर नरेंद्र सिंह ने बताया कि जिन लोगों ने एनओसी नहीं लिए है उनके बारे में पता किया जा रहा है।


