n NBT रिपोर्ट, फरीदाबाद : डॉक्टरों को धरती का भगवान कहा जाता है, क्योंकि उनके हाथों में लोगों की जान बचाने की जिम्मेदारी होती है। लेकिन जब कोई बिना सही योग्यता के सिर्फ पैसों के लिए इस पेशे को बदनाम करने लगे, तो वह मासूम जिंदगियों के साथ खिलवाड़ बन जाता है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला डबुआ-गाजीपुर रोड से सामने आया है, जहां एक फर्जी डॉक्टर बिना किसी वैध डिग्री के धड़ल्ले से दांतों का अस्पताल चला रहा था।
मुख्यमंत्री कार्यालय में दी शिकायत तो खुली पोल:
इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश तब हुआ, जब मुख्यमंत्री कार्यालय में एक शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में कहा गया था कि डबुआ-गाजीपुर रोड पर वीआईपी मेडिकल स्टोर के पास 'मिश्रा डेंटल क्लिनिक' नाम से एक अस्पताल चलाया जा रहा है। इसके संचालक डॉ. ललित नारायण मिश्रा के पास दांतों के इलाज की कोई वैध डिग्री नहीं है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन ने तुरंत ऐक्शन लिया। उन्होंने 2 जून को एक आधिकारिक पत्र जारी कर इस अवैध क्लिनिक पर छापेमारी के लिए विशेष संयुक्त टीम का गठन किया। इस टीम में डबुआ यूपीएचसी के मेडिकल ऑफिसर डॉ. यतिंद्र सिंह, सेक्टर-55 पॉलीक्लिनिक की डेंटल सर्जन डॉ. मंजू यादव और ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर (DCO) डॉ. संदीप गहलैन को शामिल किया गया।
दोपहर में रंगे हाथों पकड़ा: टीम दोपहर करीब 12:12 बजे डबुआ कॉलोनी पुलिस स्टेशन पहुंची। वहां से पुलिस टीम लेकर सीधे 'मिश्रा डेंटल क्लिनिक' पर धावा बोला। जब टीम क्लिनिक के अंदर दाखिल हुई, तो वहां का नजारा पेशेवर अस्पताल जैसा था।


