100 करोड़ के टेंडर मामले में 7 अधिकारियों पर चार्जशीट

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बंधवाड़ी प्लांट के लीगेसी वेस्ट निस्तारण के लिए 100 करोड़ के टेंडर बिना एडमिन अप्रूवल के जारी किए गए थे। यूएलबी के संज्ञान में आने के बाद अब सात अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यूएलबी डायरेक्टर ने निगम कमिश्नर से रिपोर्ट मांगी है। तत्कालीन कमिश्नर नरहरि बांगड़ के कार्यकाल में यह टेंडर जारी हुए थे।

charge sheet against 7 officials in 100 crore tender case major action by municipal corporation

Surender.singh

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n गुड़गांव: नगर निगम प्रशासन ने बंधवाड़ी प्लांट पर पड़े लीगेसी वेस्ट के निस्तारण के लिए बिना एडमिन अप्रूवल के 100 करोड़ रुपये के टेंडर जारी कर दिए। यह मामला यूएलबी के संज्ञान में आने के बाद अब सात अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यूएलबी डायरेक्टर ने निगम कमिश्नर से रिपोर्ट मांगी है। इससे पहले भी यूएलबी ने रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन अब डीओ लेटर जारी किया गया है।

करीब 2 साल पहले साल 2024 में नगर निगम प्रशासन ने बंधवाड़ी सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट पर पड़े लीगेसी वेस्ट के निस्तारण के लिए 3 टेंडर लगाए थे। फेज 5 और 6 में 5-5 लाख टन और फेज 7 में 4 लाख टन वेस्ट के निस्तारण के लिए ये टेंडर जारी किए गए। कुल मिलाकर करीब 100 करोड़ के टेंडर लगाए गए। नियमों के अनुसार, 10 करोड़ से अधिक के किसी भी प्रॉजेक्ट के लिए यूएलबी से एडमिन अप्रूवल जरूरी होता है, लेकिन आरोप है कि उस समय अधिकारियों ने बिना एडमिन अप्रूवल के ही ये टेंडर जारी कर दिए। उस समय नगर निगम कमिश्नर नरहरि बांगड़ थे। इस मामले में यूएलबी डायरेक्टर एवं स्पेशल सेक्रेट्री मुकुल कुमार की ओर से निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया को डीओ लेटर लिखा गया है। पत्र में आरोपी अधिकारियों को चार्जशीट कर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। सर्विस रूल 7 के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया गया है, उनमें तत्कालीन चीफ इंजीनियर मनोज यादव, एससी विकास मलिक, सीएमओ आशीष सिंगला, एग्जिक्यूटिव इंजीनियर निजेश कुमार, एसडीओ आरके मोंगिया, अकाउंट ऑफिसर सुनील कुमार और जेई सरजीत कुमार शामिल हैं।

पहले रिपोर्ट पर नहीं दिया था जवाब: इस संबंध में 7 मई को भी रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन नगर निगम प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। पत्र में रिपोर्ट सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर भेजने को कहा गया है। इस बारे में नगर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया को कॉल किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

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