‘महतारी शब्द में निहित है वात्सल्य’

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लखनऊ में बृज की रसोई परिसर में उत्सव संस्था द्वारा आयोजित श्रीराम कथा के चौथे दिन जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने भगवान श्रीराम की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि महतारी शब्द में मातृत्व की गरिमा और अटूट वात्सल्य का भाव निहित है। यह भाव मम्मी और मदर जैसे शब्दों में नहीं मिलता।

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nNBT न्यूज, लखनऊः सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में उत्सव संस्था की ओर से आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा के चौथे दिन गुरुवार को जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने भगवान श्रीराम की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। साथ ही बताया कि महतारी शब्द में जो भाव निहित है, वह मम्मी और मदर पुकारने में नहीं आता है। कथा प्रवाचक ने अवध की लोक संस्कृति की महिमा बताते हुए कहा कि महतारी शब्द मातृत्व की गरिमा और अटूट वात्सल्य का अद्भुत प्रतीक है। आयोजन में अशोक अग्रवाल, सुरेन्द्र गुप्ता और सुधीर हलवासिया सहित कई व्यक्तियों ने व्यासपीठ से आशीर्वाद लिया। मीडिया प्रभारी डॉ. एसके गोपाल ने बताया कि शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल होंगे।

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