7 सीटर इलेक्ट्रिक गाड़ी, अपने ड्राइवर्स के साथ मार्केट में हुई नई कैब की एंट्री

Contributed byनई दिल्ली,Khalid.Amin|नवभारतटाइम्स.कॉम

भारत के कैब बाजार में एक नया कदम उठाया गया है। वियतनाम की ग्रीन एसएम कंपनी ने दिल्ली-एनसीआर में अपनी इलेक्ट्रिक कैब सेवा शुरू कर दी है। यह कंपनी खुद गाड़ियां खरीदेगी और ड्राइवरों को सीधे रखेगी। शुरुआत में सात सीटर इलेक्ट्रिक एसयूवी उतारी गई हैं। कंपनी का लक्ष्य प्रीमियम ग्राहकों को आकर्षित करना है।

7 सीटर इलेक्ट्रिक गाड़ी, अपने ड्राइवर्स के साथ मार्केट में हुई नई कैब की एंट्री

नई दिल्ली: भारत के कैब बाजार में एक नया खिलाड़ी उतर गया है। वियतनाम के VinGroup की कंपनी Green SM ने दिल्ली-एनसीआर में अपनी इलेक्ट्रिक कैब सेवा शुरू कर दी है। इसका बिजनेस मॉडल ओला, उबर और रैपिडो जैसे मौजूदा प्लैटफॉर्म से अलग रखा गया है। हालांकि भारत जैसे बड़े और बेहद कड़े मुकाबले वाले बाजार में उसके सामने कई चुनौतियां भी होंगी।

Green SM की खास बात यह है कि वह सिर्फ एक ऐप प्लैटफॉर्म बनकर नहीं रहना चाहती। कंपनी अपनी कैब्स खुद खरीदेगी, उनका मेंटेनेंस और चार्जिंग खुद संभालेगी और ड्राइवरों की भर्ती भी सीधे करेगी। शुरुआत में ड्राइवरों को सैलरी पर रखा जाएगा। बाद में उन्हें प्रॉफिट शेयरिंग मॉडल से भी जोड़ा जा सकता है।

Green SM इंडिया के COO मनोज रविकांति ने NBT से खास बातचीत में बताया कि कंपनी का मकसद एक ऐसा इको सिस्टम तैयार करना है जिसमें ग्राहक को प्रीमियम और स्मूद अनुभव मिले। इसके लिए कंपनी अपनी ही इलेक्ट्रिक गाड़ियां इस्तेमाल करेगी और ड्राइवरों को विशेष ट्रेनिंग देकर मैदान में उतारेगी। कंपनी ने फिलहाल सात सीटों वाली इलेक्ट्रिक एसयूवी VinFast Limo Green के साथ शुरुआत की है। उसका फोकस प्रीमियम ग्राहकों पर है। कंपनी का कहना है कि आगे बाजार की मांग के हिसाब से छोटे और किफायती मॉडल भी लाए जा सकते हैं। एनवायरनमेंट फ्रेंडली होना भी इसकी बड़ी यूएसपी रहेगी।

हालांकि भारत में सिर्फ अच्छी गाड़ियां और प्रोफेशनल ड्राइवर ही सफलता की गारंटी नहीं हैं। वो भी ऐसा मार्केट में जहां ओला, उबर और रैपिडो पहले से लाखों ग्राहकों और ड्राइवरों के साथ मजबूत नेटवर्क बना चुके हैं। ऐसे में Green SM को ग्राहकों को अपनी ओर खींचने के लिए सेवा के साथ-साथ किराये और अवेलेबिलिटी पर भी ध्यान देना होगा।

कंपनी की योजना आने वाले समय में देश के दूसरे बड़े शहरों तक पहुंचने और 10,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक कैब सड़कों पर उतारने की है।