n NBT रिपोर्टर, फरीदाबाद
बर्खास्त कर्मचारी की बहाली की मांग को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल शुक्रवार को 12वें दिन में प्रवेश कर गई। आंदोलन को तेज करते हुए स्वास्थ्य कर्मचारी सड़क पर उतरे और शहर में विरोध मार्च निकालकर सरकार व विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई। शुक्रवार को एफआरयू-1, एफआरयू-2 तथा उनसे संबद्ध डिस्पेंसरियों के कर्मचारियों के साथ स्थायी कर्मचारियों ने भी हड़ताल में भागीदारी बढ़ाई।
कर्मचारियों ने पहले सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना दिया और बाद में सिविल सर्जन का घेराव किया। इसके बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी जुलूस की शक्ल में धरना स्थल से बीके अस्पताल, नगर निगम कार्यालय, बीके चौक गोलचक्कर और नीलम चौक होते हुए वापस धरना स्थल पहुंचे। आंदोलनकारियों ने कहा कि बर्खास्त कर्मचारी सुखबीर की बहाली तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारी के खिलाफ की गई कार्रवाई एकतरफा है और उसे वापस लिया जाना चाहिए। धरने और प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों की ओर से नारेबाजी भी की गई।
इस बीच सिविल सर्जन ने आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया और हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि जिला उपायुक्त तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत चल रही है और जल्द ही सकारात्मक समाधान निकलने की उम्मीद है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग तालमेल कमिटी के नेताओं ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक बर्खास्त कर्मचारी की बहाली नहीं होती, तब तक हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी। धरने को संबोधित करते हुए तालमेल कमिटी की प्रधान आशा शर्मा, चेयरमैन जितेंद्र मोर, जिला प्रधान सविता, सचिव श्यामबीर, उपप्रधान जया, प्रेस सचिव कपिल वर्मा तथा मुकेश गोयल सहित अन्य नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों का आंदोलन न्यायसंगत है और वे अपने साथी के सम्मानजनक पुनर्बहाली आदेश आने तक संघर्ष जारी रखेंगे। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी विभाग और प्रशासन की होगी।






