लगातार सिरदर्द हो तो न करें नजरअंदाज, कराएं जांच

नवभारतटाइम्स.कॉम

लगातार सिरदर्द को सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। यह गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी का संकेत हो सकता है। मणिपाल हॉस्पिटल गुड़गांव के डॉ. विक्रांत सेतिया बताते हैं कि हर सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर नहीं होता, पर दर्द का पैटर्न बदलने पर जांच जरूरी है। सिल्वर स्ट्रीक हॉस्पिटल्स के डॉ. वीके गुप्ता के अनुसार, समय पर पहचान से इलाज बेहतर होता है।

dont ignore persistent headaches recognize early symptoms of brain tumor

n दीपाली श्रीवास्तव, गुड़गांव

सिर दर्द है… शायद तनाव होगा, बच्चा पढ़ाई से परेशान है… माइग्रेन होगा, दवा ले लो। अक्सर ऐसी ही सोच के बीच कुछ मरीज महीनों तक उन संकेतों को नजरअंदाज करते रहते हैं, जो बाद में गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी बन जाती है। डॉक्टर्स के अनुसार, हर सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर नहीं होता, लेकिन जब दर्द का पैटर्न बदलने लगे, बार-बार होने लगे या उसके साथ शरीर में दूसरे बदलाव दिखें, तब जांच जरूरी हो सकती है। वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे पर शहर के डॉक्टर्स लोगों को सचेत कर रहे हैं कि किसी भी तरह के सिरदर्द या नजर संबंधी शिकायतों को सामान्य न समझें।

मणिपाल हॉस्पिटल गुड़गांव के न्यूरोसर्जरी एवं न्यूरोइंटरवेंशन कंसल्टेंट डॉ. विक्रांत सेतिया ने बताया कि अक्सर मरीज लंबे समय तक सिरदर्द या नजर संबंधी शिकायतों को सामान्य समझकर इलाज लेते रहते हैं, लेकिन जब लक्षण लगातार बना रहे, बढ़ने लगे या रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित करने लगें, तब न्यूरोलॉजिकल जांच में देरी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि विभाग में औसतन हर हफ्ते 1 से 2 ब्रेन ट्यूमर के मामले सामने आ रहे हैं, हालांकि पहले की तुलना में लोगों में जागरूकता बढ़ी है, लेकिन शुरुआती संकेतों को पहचानने की जरूरत अभी भी बनी हुई है। ऐसे में अबर लोग अपने लक्षणों को पहचान कर समय से उपचार शुरू करवा दें।

समय पर पहचान से बेहतर हो सकता है इलाज: सिल्वर स्ट्रीक हॉस्पिटल्स चीफ ऑफ न्यूरोसर्जरी डॉ. वीके गुप्ता ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी में समय पर पहचान सबसे बड़ा फर्क पैदा करती है। शुरुआती चरण में पता चलने पर उपचार के नतीजे बेहतर हो सकते हैं। लोग अक्सर सिरदर्द को सामान्य मानकर दवा लेते रहते हैं जबकि लगातार दर्द, उल्टी, नजर की समस्या , बेहोशी, कमजोरी या व्यवहार में बदलाव जैसे संकेत जांच की जरूरत बता सकते हैं।

पांच संकेत जिन्हें हल्के में न लें: सिरदर्द का लगातार बढ़ना या पैटर्न बदलना, सुबह उठते ही ज्यादा दर्द या उल्टी, पहली बार दौरा पड़ना, नजर धुंधली होना या डबल दिखना व कमजोरी, संतुलन या व्यवहार में बदलाव।

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