‘जिद ठान लें कि अब नशा नहीं करना है’

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हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारियों ने फरीदाबाद के एक नशामुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और मानसिक दृढ़ता भी आवश्यक है। उपचाराधीन लोगों को संबोधित करते हुए कहा गया कि नशा छोड़ने के लिए आत्मबल और दृढ़ संकल्प सबसे महत्वपूर्ण हैं।

war against drugs victory only through mental fortitude and social awareness

n NBT न्यूज, फरीदाबाद : हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारियों ने सेक्टर-14 स्थित नशामुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानूनी कार्रवाई से नहीं जीती जा सकती, इसके लिए सामाजिक जागरूकता और मानसिक दृढ़ता भी जरूरी है। इस अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा संचालित नशामुक्ति केंद्र का दौरा किया। डॉ. वर्मा ने उपचाराधीन लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल एक आदत नहीं, बल्कि एक ऐसा ‘राक्षस’ है, जिसे हर व्यक्ति को अपने भीतर से खत्म करना होगा। उन्होंने कहा, ‘यह एक युद्ध है नशे के विरुद्ध’। उन्होंने मरीजों को प्रेरित करते हुए कहा कि नशा छोड़ने के लिए केवल दवाइयों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। आत्मबल और मानसिक दृढ़ता ही इस लड़ाई में जीत दिला सकती है। एक जिद ठान लें कि अब नशा नहीं करना है, फिर कोई भी ताकत आपको रोक नहीं सकती।

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