n दीपाली श्रीवास्तव, गुड़गांव
महिलाओं के लिए शुरू की गई स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार पहल का फायदा जिले की महिलाओं को मिल रहा है। सेक्टर-10 के सिविल अस्पताल में 15 अप्रैल से शुरू हुई इस विशेष पहल का फायदा करीब 20 हजार महिलाएं व किशोरियां उठा चुकी हैं। दरअसल, प्रदेश सरकार ने सितंबर 2025 में यह पहल की थी। उद्देश्य केवल बीमारियों का उपचार करना नहीं बल्कि महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना भी है।
PMO डॉ. नीना गठवाल ने बताया कि बड़ी संख्या में महिलाएं नियमित जांच और परामर्श के लिए पहुंच रही हैं। कई मामलों में शुरुआती चरण में ही स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान हुई है, इससे समय पर उपचार हो पाया है। पहल के तहत 9 से 60 साल तक की महिलाओं और किशोरियों को एक ही जगह पर टीकाकरण, गर्भावस्था पूर्व जांच (एएनसी), प्रसव उपरांत देखभाल, एनीमिया जांच , टीबी जांच, लैब जांच, गैर संचारी रोगों (एनसीडी) की स्क्रीनिंग, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और कैंसर जांच की सेवाएं दी जा रही हैं। इसके अलावा महिलाएं आयुष विभाग से भी जुड़कर प्राकृतिक चिकित्सा और योग को भी अपना सकती हैं। पंचकर्म के लिए पालम विहार में केंद्र बनाया गया है।
कैंसर की समय रहते पहचान पर विशेष फोकस : गुड़गांव सहित पूरे प्रदेश में महिलाओं में स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस योजना में कैंसर स्क्रीनिंग को विशेष प्राथमिकता दी गई है। सर्वाइकल, ब्रेस्ट और ओरल कैंसर की नियमित जांच की जा रही है जिससे बीमारी का पता शुरुआती चरण में लगाया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार कैंसर की शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर उपचार की सफलता की संभावना कई गुना बढ़ जाती है और मरीज की जान बचाई जा सकती है। योजना के तहत किशोरियों को HPV भी लगाई जा रही है, जो सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करने में मददगार मानी जाती है। स्वास्थ्य विभाग केवल बीमारी की पहचान और उपचार तक सीमित नहीं है। महिलाओं को संतुलित आहार, पोषण, आयरन युक्त भोजन, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में भी परामर्श दिया जा रहा है। पीएमओ का कहना है कि एनीमिया, कमजोरी और कई अन्य बीमारियों की जड़ खराब खानपान और पोषण की कमी है। इसलिए महिलाओं को भरपूर और संतुलित डाइट लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
मानसिक स्वास्थ्य को भी दे रहे तवज्जो : घरेलू जिम्मेदारियां, कार्यस्थल का दबाव और सामाजिक अपेक्षाएं महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती हैं। इसे देखते हुए योजना में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को भी शामिल किया गया है। तनाव, अवसाद, चिंता और अन्य मानसिक समस्याओं से जूझ रही महिलाओं को विशेषज्ञों द्वारा परामर्श दिया जा रहा है। उन्हें ऐसा सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है जहां वे बिना झिझक अपनी समस्याएं साझा कर सकें।

