n NBT रिपोर्ट, सेक्टर-16
ओल्ड गुड़गांव-दिल्ली रोड स्थित आईडीसी इंडस्ट्रियल एरिया में निर्माणाधीन सड़क और अधूरे ड्रेनेज कार्यों ने उद्योगों की चिंता बढ़ा दी है। मॉनसून अब सिर पर है, लेकिन सड़क निर्माण, जलनिकासी और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े काम अब भी अधूरे पड़े हैं। ऐसे में उद्यमियों को आशंका है कि पिछले वर्षों की तरह इस बार भी बारिश का पानी इंडस्ट्रियल यूनिट्स के भीतर तक पहुंच सकता है, जिससे उत्पादन, मशीनरी और तैयार माल को भारी नुकसान होने का खतरा है।
उद्यमियों का कहना है कि बारिश के दिनों में जलभराव के बाद अधूरी सड़क और सीवरेज-ड्रेनेज के लिए जगह-जगह खोदे गए गड्ढे और ज्यादा खतरनाक हो जाएंगे। आईडीसी में वाहनों के शोरूम के कारोबार में भी तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे शोरूम संचालक परेशान हैं। क्षेत्र के उद्योगपतियों के मुताबिक पिछले कई महीनों से सड़क निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार के कारण आईडीसी की मुख्य सड़क जगह-जगह खुदी हुई है। कई स्थानों पर खुले गड्ढे और अधूरी ड्रेनेज लाइनें न सिर्फ आवागमन में बाधा बन रही हैं, बल्कि दुर्घटनाओं का कारण भी बन रही हैं।
किसी भी वक्त दस्तक दे सकता है मॉनसून
गुड़गांव इंडस्ट्रियल असोसिएशन (GIA) के प्रेजिडेंट सुमित राव ने कहा कि मॉनसून अब किसी भी समय दस्तक दे सकता है। यह सोचकर ही चिंता होती है कि बारिश के दौरान एरिया में जलभराव हुआ तो स्थिति क्या होगी। उन्होंने बताया कि आईडीसी में इंडस्ट्रियल यूनिट्स और वाहनों के शोरूमों की संख्या लगभग 250 है। यदि मॉनसून से पहले सड़क और ड्रेनेज का काम पूरा नहीं हुआ, तो पूरे क्षेत्र में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों से देखा जा रहा है कि कई यूनिट्स में बारिश का पानी अंदर तक पहुंच जाता है, जिससे मशीनों और स्टॉक को नुकसान होता है। इस बार निर्माणाधीन सड़क और कमजोर जलनिकासी व्यवस्था के कारण जोखिम और बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही जीआईए का एक प्रतिनिधिमंडल गुड़गांव के उपायुक्त के समक्ष इस मुद्दे को उठाएगा।
कार की सेल और सर्विस में 25 फीसदी गिरावट
प्रेम मोटर्स के सीईओ चेतन अरोड़ा ने बताया कि जब से सड़क निर्माण का काम शुरू हुआ है, तब से कार खरीदने और कारों की सर्विस कराने आने वाले ग्राहकों की संख्या में 25 प्रतिशत तक गिरावट आ चुकी है। उन्होंने कहा कि मॉनसून सीजन में स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिससे व्यवसाय को भारी नुकसान होगा। जीआईए के पूर्व अध्यक्ष जेएन मंगला ने कहा कि आईडीसी क्षेत्र में सड़क निर्माण सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित करने का काम जिस धीमी गति से चल रहा है, उससे इसके समय पर पूरा होने की संभावना कम ही नजर आ रही है।


