भांजे का रेता था गला, कोर्ट ने दी सजा-ए-मौत

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गाजीपुर में साढ़े चार साल के भांजे की निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने मामा अमजद खान को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने इस जघन्य अपराध को दुर्लभतम श्रेणी का माना। आरोपी ने अपनी बहन के सामने ही मासूम की गला काटकर हत्या कर दी थी। अभियोजन पक्ष ने नौ गवाहों के बयान दर्ज कराए।

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nNBT न् यूज, वाराणसी : गाजीपुर जिले के अपर जिला एवं सत्र न् यायाधीश (प्रथम) शक्ति सिंह की अदालत ने साढ़े चार वर्षीय भांजे की निर्मम हत् या के मामले में अमजद खान को दोषी करार देते हुए फंासी की सजा सुनाई है। इससे पहले दोषी करार देने के बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान अदालत ने उससे पूछा कि अगर छोड़ दिया जाए तो क् या करेगा। इस पर उसने जवाब दिया कि फिर हत् या करेगा। अदालत ने उसके इस कथन को भी गंभीरता से लिया और अपराध की क्रूरता को देखते हुए दुर्लभतम श्रेणी (रेयरेस् ट ऑफ रेयर) का अपराध माना।

अदालत ने फैसले में कहा है कि आरोपित मृतक का सगा मामा था, लेकिन रिश् तों की मर्यादा का ध् यान नहीं रखा। अबोध बालक की उसकी मां के सामने ही की गई निर्मम हत् या समाज को झकझोरने वाली है। अभियोजन पक्ष के अनुसार 21 अक् टूबर 2021 को गहमर कोतवाली क्षेत्र के बारा गांव में साढ़े चार वर्षीय दानियाल खान की हत् या हुई थी। मासूम अपनी मां शबाना नाज के साथ ननिहाल आया हुआ था। इसी दौरान बहन शबाना से विवाद होने पर अमजद खान ने उसके सामने ही दानियाल की गला काटकर हत्या कर दी थी। एडीजीसी अखिलेश सिंह ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के कुल नौ गवाहों की गवाही हुई, जिसमें आरोपित की तीन सगी बहनें और एक भाई भी शामिल था।