स्नेह पाठशाला में तैयार कर रहे देश का भविष्य

नवभारतटाइम्स.कॉम

पलड़ा गांव में स्नेह पाठशाला शुरू हुई है। यह पाठशाला आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को शिक्षा से जोड़ रही है। संस्था का लक्ष्य ऐसे बच्चों को पढ़ाना है जो मजदूरी करने वाले परिवारों से हैं। फिलहाल 25 बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। संस्था भविष्य में बच्चों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रही है।

sneha pathshala a new dawn of education for economically weaker children

n NBT न्यूज, सेक्टर-70: शिक्षा से वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के उद्देश्य से स्नेहधारा चैरिटी काउंसिल ने पलड़ा गाव में स्नेह पाठशाला की शुरुआत की। यह पहल उन बच्चों के लिए शुरू की गई है, जिनके माता-पिता मजदूरी या कम आय पर परिवार चला रहे हैं और बच्चों की बुनियादी शिक्षा पर खर्च नहीं कर पा रहे।

संस्था की संस्थापक अर्चना पाठक ने बताया कि स्नेह पाठशाला का उद्देश्य ऐसे बच्चों तक शिक्षा पहुंचाना है, जो किसी कारण से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं या पढ़ाई में पीछे रह गए हैं। कई परिवारों की दैनिक आय केवल 200 से 300 रुपये तक है, ऐसे में बच्चों की नियमित शिक्षा चुनौती बन जाती है। फिलहाल पाठशाला में 5 से 11 साल के करीब 25 बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। शुरुआती स्तर की शिक्षा के साथ उनकी सीखने की क्षमता विकसित करने पर भी काम किया जा रहा है, जिससे आगे उन्हें औपचारिक शिक्षा व्यवस्था से जोड़ा जा सके। संस्था का कहना है कि आने वाले समय में बच्चों की संख्या बढ़ाने और उन्हें पढ़ाई के साथ जरूरी शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने की योजना है।