n NBT न्यूज, फरीदाबाद : एनआईटी-तीन नेहरू कॉलोनी में हुई तोड़फोड़ का मामला रविवार को एक बार फिर चर्चा में आया। चूंकि यहां पर सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) के प्रदेश महासचिव जय भगवान और जनवादी महिला समिति की प्रदेश अध्यक्ष सविता दो दिन से नेहरू कॉलोनी के साथ रह कर पीड़ा को समझा। उन्होंने प्रभावित परिवारों के साथ मीटिंग की। इस मीटिंग में सीटू राज्य सचिव सुधा पाल, जिला प्रधान निरंतर पाराशर, सचिव वीरेंद्र डंगवाल, कमलेश आदि ने भी विचार रखे।
यहां रहते हैं करीब एक लाख लोग : संगठन नेताओं ने कहा कि नेहरू कालोनी 60-70 साल से आबाद है। लोगों की तीसरी पीढ़ी यहां रह रही है। करीबन एक लाख लोग रहते हैं और 8-10 हजार मकान हैं। लेकिन सत्ता के नशे में चूर सरकार लोगों को उजाड़ने पर लगे हैं। लोगों ने अपनी खून पसीने की कमाई से एक- एक पैसा बचाकर मकान बनाएं हैं। सरकार गरीबों को आवास तो दे नहीं सकती बल्कि उनको उजाड़ने का काम कर रही है। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने भी नेहरू कालौनी में की गई तोड़फोड़ की है। उन्होंने सभी विपक्षी दलों और कर्मचारी एवं मजदूर संगठनों से इस तोड़फोड़ के खिलाफ एकजुटता के साथ आंदोलन करने का आह्वान किया। 29 और 30 मई की रात में बुलडोजर चलाकर घरों को ध्वस्त कर दिया गया। सरकार ओर प्रशासन ने अपनी खाल बचाने के लिए दो जून को नोटिस जारी किए हैं। यह नियम-कायदों की धज्जियां उड़ाने का मामला है। इसका जवाब सरकार ओर प्रशासन को देना पड़ेगा। इसीलिए सोमवार सुबह 10 बजे नेहरू कालोनी के सभी परिवार टूटे हुए घरों की पुनर्स्थापना और अपने घरों को बुलडोजर से बचाने के लिए बीके चौंक पर निगम कमिश्नर के यहां धरना प्रदर्शन करेंगे।


