n NBT रिपोर्ट, फरीदाबाद
अनंगपुर गांव निवासी एक व्यक्ति ने अपनी महिंद्रा एसयूवी को लेकर बड़े फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि भरोसे में देकर दी गई गाड़ी को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर किसी दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर करा दिया गया। मामले में पुलिस कमिश्नर और थाना सेंट्रल सेक्टर-12 में शिकायत दिए जाने के बावजूद छह महीने बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। थाना प्रभारी सेंट्रल रणवीर सिंह का कहना है कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है ताे मामले की जांच की जाएगी।
छह महीने के लिए दी थी गाड़ी : अनंगपुर निवासी श्याम भड़ाना के अनुसार वह महिंद्रा एसयूवी के वैध मालिक हैं। वाहन एचडीएफसी बैंक से फाइनेंस कराया गया था और उस पर अभी भी लोन बकाया है। श्याम का आरोप है कि वर्ष 2023 में उन्होंने अरुण नामक व्यक्ति को 2.50 लाख रुपये के बदले छह महीने के लिए गाड़ी दी थी। दोनों के बीच यह तय हुआ था कि तय अवधि पूरी होने पर रकम लौटाकर वाहन वापस ले लिया जाएगा। शिकायतकर्ता का कहना है कि छह महीने बाद जब उन्होंने अपनी गाड़ी वापस मांगी तो आरोपी ने विभिन्न बहाने बनाकर वाहन लौटाने से इनकार कर दिया। कभी किसी रिश्तेदार की बीमारी का हवाला दिया गया तो कभी जल्द गाड़ी लौटाने का आश्वासन देकर मामला टाल दिया गया। लगातार संदेह होने पर उन्होंने वाहन के पंजीकरण संबंधी रेकॉर्ड की जांच कराई तो सच्चाई सामने आई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि सुनियोजित तरीके से सरकारी रेकॉर्ड में बदलाव कर वाहन हड़पने की कोशिश की गई। पीड़ित ने पुलिस से इस मामले में इस्तेमाल दस्तावेजों की फरेंसिक जांच कराने, फर्जीवाड़े में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच करने तथा धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और जालसाजी की धाराओं में केस दर्ज करने की मांग की है।


