n NBT न्यूज, गाजियाबाद : अब परिषदीय विद्यालयों, कम्पोजिट विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों व राजकीय माध्यमिक विद्यालयों का सुरक्षा ऑडिट होगा। सुरक्षा ऑडिट से यह पता लगाया जाएगा कि विद्यालय भूकप का झटका झेल सकते हैं या नहीं। अभियान के तहत 30 से 40 वर्ष पुराने स्कूल भवनों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे भवनों की दीवारों, छतों और संरचनात्मक मजबूती की विशेष जांच होगी। साथ ही भूकंप संभावित और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के विद्यालयों का आडिट पहले कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश को भूकंप के खतरे के हिसाब से जोन 2, जोन 3 व जोन 4 में बांटा गया है। इनमें भूंकप का सबसे अधिक खतरा जोन 4 में ही रहता है। गाजियाबाद जोन 4 में ही आता है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अनुसार गाजियाबाद में 50 से अधिक विद्यालय ऐसे हैं, जो 30 से 40 वर्ष पुराने हैं। कई स्कूल ऐसे हैं, जो देखने में जर्जर नहीं लगते हैं, क्योंकि उनकी कई बार मरम्मत तो हो गई है, मगर काफी पुराने होने के कारण भूुकंप का झटका झेलने सक्षम नहीं हैं।

