n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव
क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने और मेंटेनेंस चार्ज हटाने का झांसा देकर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को साइबर क्राइम थाना साउथ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक शख्स से एक लाख 70 हजार रुपये की ठगी की थी। ठगी की रकम को लिंक भेजकर कई बार में ट्रांसफर करवाया गया। शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम थाना साउथ में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ठगी की रकम से सोना खरीदते थे। इसके लिए उन्होंने शॉपिंग साइट पर फर्जी अकाउंट बना रखा था। इतना ही नहीं, सोने की डिलीवरी फर्जी पते पर करवाई जाती थी।
पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। जांच के दौरान साइबर थाना साउथ के इंचार्ज इंस्पेक्टर नवीन कुमार की टीम ने 14 जून को एक आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान दिल्ली के उत्तम नगर निवासी 27 वर्षीय विकास के रूप में हुई है, वह ग्रैजुएट है। विकास से पूछताछ के बाद पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। पकड़े गए अन्य आरोपियों में उत्तराखंड के उधम सिंह नगर निवासी 31 वर्षीय संजय ज्वाला और नीरज सिरोला शामिल हैं। संजय ने बीए किया है और नीरज ने बीकॉम किया हुआ है।
फर्जी नंबर से कॉल कर बैंककर्मी बन भेजते थे लिंक : पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि विकास करीब डेढ़ साल पहले एक क्रेडिट कार्ड बनाने वाली कंपनी में काम करता था। बाद में वह फर्जी नंबर से लोगों को टारगेट कर कॉल करता और खुद को बैंक कर्मचारी बताकर क्रेडिट कार्ड का मेंटेनेंस चार्ज हटाने तथा लिमिट बढ़ाने के नाम पर लिंक भेजता था। इसके बाद पीड़ित से रकम ट्रांसफर करवा ली जाती थी। ठगी के पैसों से आरोपी अमेज़न के जरिए सोना खरीदते थे। फर्जी तरीके से बनाए गए अकाउंट का इस्तेमाल किया जाता और डिलीवरी भी फर्जी पते पर करवाई जाती थी। पुलिस के अनुसार, विकास को फर्जी लिंक उपलब्ध कराता था, जबकि संजय फर्जी सिम कार्ड मुहैया करवाता था। नीरज ने धोखाधड़ी के लिए मोबाइल का इस्तेमाल किया था, जिसके बदले उसे 10 हजार रुपये मिले थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी संजय उत्तराखंड में जिम संचालक है। एसीपी गौरव फौगाट ने बताया कि आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।

