n NBT न्यूज़, ग्रेटर नोएडा : कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में नियमितीकरण की मांग को लेकर आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इस गतिरोध के कारण अस्पताल की ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं, जिससे इलाज के लिए दूर-दराज से आए सैकड़ों मरीजों को बिना डॉक्टर को दिखाए ही वापस लौटना पड़ा। करीब 28 घंटे से जारी इस आंदोलन के बीच जिला प्रशासन हरकत में आया और एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों से संवाद किया। साथ ही आज सुबह साढ़े 8 बजे बातचीत के लिए िफर बुलाया है।
हड़ताल पर बैठे 700 से अधिक नर्सिंग स्टाफ, टेक्नीशियन और वार्ड बॉयज ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि वे पिछले 12-13 वर्षों से संस्थान को अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि कोरोना महामारी के दौरान जब स्टाफ संक्रमित हो रहा था, तब उन्हें नियमित करने का आश्वासन देकर दिन-रात काम कराया गया था। अब सालों बाद जब नई भर्ती निकाली जा रही है, तो पुराने अनुभवी स्टाफ को नजरअंदाज किया जा रहा है।
एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता ने प्रदर्शनकारियों की मांगों को सुना और सुझाव दिया कि विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों को मिलाकर एक प्रतिनिधि समिति बनाई जाए, जिसकी जल्द ही संस्थान के निदेशक के साथ बैठक कराई जाएगी। एसडीएम ने कर्मचारियों से मानवीय आधार पर मरीजों के हित में काम पर लौटने की अपील की है। संस्थान के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. आर.के. गुप्ता ने स्पष्ट किया कि नई भर्ती से वर्तमान आउटसोर्स स्टाफ की नौकरी पर कोई आंच नहीं आएगी।

