अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की खबर वैश्विक राजनीति के लिए सकारात्मक संकेत है। लंबे समय से परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर दोनों देशों में तनाव बना हुआ था। प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने और यूरेनियम संवर्धन सीमित करने का आश्वासन दिया है। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यावसायिक जहाजों के लिए खोलने पर भी सहमति जताई है। यदि यह समझौता लागू होता है, तो मध्य पूर्व में तनाव कम होगा, वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिरता मिलेगी और विश्व अर्थव्यवस्था को भी राहत मिल सकती है।
कांतिलाल मांडोत, ईमेल से

