जलभराव से दो-चार

नवभारतटाइम्स.कॉम

गुड़गांव में हल्की बारिश ने प्रशासन के जलभराव रोकने के दावों की पोल खोल दी है। शहर के कई सेक्टरों और सड़कों पर पानी भर गया। सेक्टर-10 सिविल अस्पताल के बेसमेंट में भी पानी जमा हो गया। यह स्थिति प्री-मॉनसून की बारिश में हुई है। आने वाले दिनों में मानसूनी बारिश से हालात बिगड़ने की आशंका है।

waterlogging in gurgaon with just 2 mm rain administrations claims exposed

n NBT न्यूज, गुड़गांव

मॉनसून से पहले जलभराव रोकने के प्रशासन के तमाम दावों की पोल महज 2 MM बारिश ने ही धो दिए। शहर में 24 घंटे में करीब 2 MM औसत बारिश हुई, कई इलाकों में सिर्फ बूंदाबादी हुई, फिर भी शहर के कई सेक्टरों, अंदरूनी सड़कों और निचले इलाकों में पानी भर गया। सबसे चिंताजनक तस्वीर सेक्टर-10 सिविल अस्पताल में देखने को मिली। जहां बेसमेंट में बने जनरल और डेंगू वॉर्ड में पानी जमा होने से मरीजों और तीमारदारों को गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ा। सोमवार को हुई करीब आधे घंटे और मंगलवार को हुई 5 से 10 मिनट की बारिश और बूंदाबांदी ने शहर में ये हालात बनाए। यह वह बारिश भी नहीं थी जिसे भारी या तेज कहा जाए। ऐसे में शहर के अलग-अलग हिस्सों में पानी जमा होने से सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो गया कि अगर प्री-मॉनसून की हल्की बारिश में ही सिस्टम जवाब दे रहा है तो लगातार होने वाली मानसूनी बारिश में हालात क्या होंगे।

हर साल वही दावा, हर बारिश में वही हाल

मॉनसून से पहले नालों की सफाई, पंपिंग सिस्टम, जलनिकासी सुधार और जलभराव बिंदुओं पर काम पूरे होने के दावे किए जाते रहे हैं। अधिकारी और जनप्रतिनिधि लगातार कह रहे हैं कि इस साल शहर में जलभराव नहीं होगा लेकिन हल्की बारिश में ही सामने आए हालात ने इन दावों को फिर सवालों के घेरे में ला दिया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आने की आशंका है। शहरवासी समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।