Fear Of Gold Price Drop People Selling Old Jewelry Sales Increased By 43
लोग क्यों बेच रहे हैं सोने के पुराने गहने?
नवभारत टाइम्स•
(फोटो- नवभारत टाइम्स)
NBT रिपोर्ट: भारतीय घरों की तिजोरियों से सोना बाहर निकलकर बाजार में पहुंचने लगा है। सोने की आसमान छूती कीमतों और भविष्य में दाम गिरने के डर से लोग अपने पुराने गहने बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं। लोगों को डर है कि सोने की कीमतें अब पीक पर पहुंच चुकी हैं और अब इनमें गिरावट आ सकती है। इंडिया बुलियन एंड जूलर्स असोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, अप्रैल-जून की तिमाही में ग्राहकों ने करीब 50 टन पुराना सोना बेचा है। यह पिछले साल के मुकाबले 43% ज्यादा है।
IBJA के नैशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने ET से कहा कि भारतीय ग्राहक सोने की ऊंची कीमतों का फायदा उठाकर कैश ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि हालांकि कीमतें साल की शुरुआत में 1.8 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के हाई लेवल से गिरकर 1.4 लाख पर आ गई हैं। लेकिन लोगों में डर है कि यह और गिरकर 1.2 लाख तक पहुंच सकती हैं। यही डर उन्हें सोना बेचकर पैसा निकालने के लिए मजबूर कर रहा है।दिल्ली में सोमवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,300 रुपये बढ़कर 1,46,600 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। दूसरी ओर, चांदी की कीमतों में लगातार चौथे दिन गिरावट दर्ज की गई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, चांदी 2,000 रुपये सस्ती होकर 2,24,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।
क्या आया है बदलाव? : इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि ग्राहक अब सोने को एक फाइनैंशल असेट की तरह देख रहे हैं, जिसे सही दाम मिलने पर कैश कराया जा सकता है।
कंपनियों को फायदा? : इस चलन से सोना खरीदने वाली कंपनियों में तेजी देखी जा रही है। मुथूट एक्जिम ने अपने देशभर के 100 से ज्यादा गोल्ड पॉइंट्स पर पुराने सोने की मात्रा में 40% की बढ़त दर्ज की है। मुथूट एक्जिम के सीईओ केयूर शाह ने कहा, लोग अब घर में रखे सोने को भरोसेमंद और पारदर्शी रास्तों से कैश में बदलने में ज्यादा सहज महसूस कर रहे हैं। इससे न केवल उन्हें अपने सोने की सही कीमत मिल रही है, बल्कि बाजार में सोने की उपलब्धता भी बढ़ रही है।
गोल्ड रीसाइक्लिंग में बूम : भारत सोने के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। वित्त वर्ष 2026 में भारत ने करीब 72.4 अरब डॉलर का सोना इंपोर्ट किया। वहीं, 2025 में रीसायकल किए हुए सोने का योगदान करीब 125-150 टन रहा। जानकारों का मानना है कि अगर यही माहौल रहा, तो 2026 में रीसायकल होने वाले सोने की मात्रा 200-250 टन तक पहुंच सकती है।