पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित नहीं रह गईं शहर की सड़कें

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gurgaons roads become death traps biggest danger for pedestrians
Surender.singh

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n गुड़गांव: शहर की मुख्य सड़कें और हाइवे पैदल यात्रियों के लिए लगातार असुरक्षित साबित हो रहे हैं। सड़क सुरक्षा कमिटी की बैठक में पेश रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो साल के आंकड़ों को देखें तो हादसों में पैदल यात्रियों की मौत का अनुपात 2024 के 37 प्रतिशत, जबकि 2025 में 41 प्रतिशत से अधिक हो गया। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि हादसे विशेष रूप से हाइवे और मुख्य सड़कों पर ज्यादा हो रहे हैं, जबकि रात के समय होने वाले हादसों में भी इजाफा दर्ज किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, शहर में एक्सप्रेसवे और हाइवे कई हैं, लेकिन दिल्ली-जयपुर हाइवे (NH-48) पर हादसे और मौतें सबसे ज्यादा हो रही हैं। हादसों के मामलों में NH-48 के बाद सोहना रोड, द्वारका एक्सप्रेसवे और गोल्फ कोर्स रोड का नंबर आता है। बैठक में विभागों को आपसी तालमेल के साथ रोड हादसों में कमी और सड़क सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए। वहीं दूसरी ओर विभाग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 के मुकाबले 2025 में हादसों में 9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। घायलों की संख्या में 14% से अधिक इजाफा दर्ज किया गया, जबकि पैदल यात्रियों की मौत में 10% वृद्धि दर्ज हुई।

रात के समय हादसों में 20% उछाल: रात के समय होने वाले हादसों में 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में NH-48 पर 20, सोहना रोड पर 12 और द्वारका एक्सप्रेस वे पर 5 हादसे रात के समय हुए, जो 2024 की तुलना में अधिक हैं। जो कि प्रशासन के लिए भी एक चिंता का विषय बना हुआ है।

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