3 घंटे तक इंतज़ार, फिर मोर्चरी में शव रखने की मिली अनुमति

नवभारतटाइम्स.कॉम
mourning body gets morgue space after 3 hours wait hospital administration accused of negligence
n NBT न्यूज, सोहना

नागरिक अस्पताल में एक मजदूर की मौत के बाद उसके शव को मोर्चरी में रखने को लेकर अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। आरोप है कि लगभग 3 घंटे तक अनुरोध करने के बावजूद अस्पताल के चिकित्सक ने शव को मोर्चरी में रखने की अनुमति नहीं दी। जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक लोगों की सिफारिश के बाद अनुमति मिली। अस्पताल प्रबंधन से कार्रवाई की मांग उठाई गई है।
खेड़ला निवासी धीरज मजदूरी कर रहे थे। इसी दौरान निर्माण छत की पटिया उनके सिर पर गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए फरीदाबाद के एक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रेफर कर दिया गया। परिजन धीरज को वापस सोहना के नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन अस्पताल के मुख्य द्वार पर ही उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टर योगेश साहू ने उन्हें मृत घोषित करने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, डॉक्टर ने शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखने की अनुमति भी नहीं दी। मृतक के परिजनों का कहना है कि वे लगातार लगभग तीन घंटे तक अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर से शव को मोर्चरी में रखने की गुहार लगाते रहे, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। डॉक्टर ने उन्हें शव को कहीं और ले जाने की बात कहकर टाल दिया।

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