No Bag Day In Basic Schools Now 10 Days A Year Children To Get Relief From Study Stress Emphasis On Practical Knowledge
बेसिक स्कूलों में अब साल में 10 दिन 'नो बैग डे'
नवभारतटाइम्स.कॉम•
n NBT रिपोर्ट, लखनऊ: प्रदेश के सरकारी जूनियर हाईस्कूलों (कक्षा 6, 7 और 8) के बच्चों को अब भारी बस्ते के बोझ और पढ़ाई के तनाव से राहत मिलने जा रही है। नए सत्र से परिषदीय स्कूलों में '10 बैगलेस दिवस' लागू किए जाएंगे।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने इसके लिए 'आनन्दम्' नामक एक विस्तृत निर्देशिका जारी की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और NCF 2023 से प्रेरित इस पहल का मकसद बच्चों को व्यावहारिक और मजेदार तरीके से सिखाना है। पूरे सत्र में छात्र 10 दिन बिना बस्ते के स्कूल आएंगे और क्रिएटिव व वोकेशनल एक्टिविटीज का हिस्सा बनेंगे। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए तैयार इस गाइडलाइंस में गतिविधियों को 3 मुख्य हिस्सों में बांटा गया है:भाग-1 (विज्ञान, पर्यावरण और टेक्नोलॉजी): छात्र पक्षी अभ्यारण्य, जल परीक्षण प्लांट और सौर ऊर्जा केंद्रों का भ्रमण करेंगे। इसके अलावा योग, खेल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस, रोबॉटिक्स व साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक विषयों पर एक्सपर्ट्स से सीधे संवाद करेंगे।
भाग-2 (लोकल इंडस्ट्री और बिजनेस): बच्चे फोटोग्राफी, स्कूल में मिनी बैंक सेटअप, बाल मेला, पुलिस स्टेशन और डाकघर का भ्रमण करेंगे। साथ ही सिलाई, टी-शर्ट डिजाइनिंग और पर्यावरण के अनुकूल ऑर्गेनिक पॉट्री (मिट्टी के बर्तन) बनाना सीखेंगे।
भाग-3 (कला, संस्कृति और इतिहास): इसमें कठपुतली कला, डूडलिंग, पतंगबाजी, नृत्य-नाटक, जूट क्राफ्ट, मिट्टी की मूर्ति निर्माण और ऐतिहासिक स्मारकों की सैर शामिल होगी।
सीखेंगे हुनर: SCERT निदेशक के मुताबिक, छात्र स्थानीय बढ़ई, कुम्हार, माली और पारंपरिक शिल्पकारों के साथ 'प्रशिक्षु' बनकर काम के व्यावहारिक गुर सीखेंगे। निर्देश के अनुसार, ये गतिविधियां मुख्य रूप से हर महीने के तीसरे शनिवार को आयोजित की जाएंगी।