कॉरपोरेट लॉ बिल JPC को, नियम आसान बनाने पर ज़ोर

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कॉर्पोरेट लॉ (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया है। यह विधेयक कंपनियों के लिए नियमों को सरल बनाएगा। छोटे उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से हटाकर जुर्माने में बदला जाएगा। इससे स्टार्टअप और छोटी कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी।

corporate law bill sent to jpc government emphasizes easing regulations

nपीटीआई, नई दिल्ली

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में कॉर्पोरेट लॉ (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। लोकसभा ने बिल को जॉइंट पार्लियामेंट्री कमिटी ( JPC ) के पास भेज दिया है। यह फैसला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सुझाव पर वॉयस वोट से लिया गया। अब JPC इस बिल की विस्तार से जांच कर अपनी सिफारिशें देगी।

बिल में क्या है?: बिल का मकसद कंपनियों के लिए नियम आसान करना है। इसके तहत कंपनीज एक्ट और LLP (Limited Liability Partnership) एक्ट में बदलाव किए जाएंगे। छोटे-मोटे नियम उल्लंघन को आपराधिक न मानते हुए सिर्फ जुर्माने में बदला जाएगा। यानी कंपनियों पर केस कम होंगे और कामकाज आसान होगा। इससे स्टार्टअप, छोटी कंपनियों और ‘वन पर्सन कंपनी’ को राहत मिलेगी। कंप्लायंस यानी नियमों का पालन आसान होगा, पेनल्टी सिस्टम सरल होगा और बिजनेस करना ज्यादा आसान बनेगा।

फाइनैंस बिल 2026 पेश: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में फाइनैंस बिल 2026 पेश किया, जो 2026-27 के बजट प्रस्तावों को कानूनी रूप देगा। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, स्किलिंग और निजी निवेश बढ़ाने पर जोर है।