NBT रिपोर्ट, प्रयागराज: बरेली में घर के अंदर नमाज़ पढ़ने से किसी को नहीं रोका गया, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन कार्रवाई की गई थी। यह बात जिले के डीएम और एसएसपी की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में कही गई। उनकी ओर से अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने अदालत में यह जानकारी दी। सुनवाई के दौरान बताया गया कि 16 जनवरी को जिस घर में नमाज़ पढ़ी जा रही थी, वह याची का नहीं बल्कि हसीन खान का घर है। वहां दूसरे गांव से मौलवी बुलाकर नमाज़ अदा कराई जा रही थी। प्रशासन ने सिर्फ संभावित सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए निरोधात्मक कार्रवाई की थी, जो नमाज़ के बाद की गई। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि इसके बाद रमज़ान में भी नमाज़ पर कोई रोक नहीं लगाई गई। अब भी वहां रोज करीब 50 लोग नमाज़ अदा कर रहे हैं। खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 मार्च की तारीख तय की है। डीएम और एसएसपी को उस दिन भी कोर्ट में मौजूद रहने का निर्देश दिया है।


