घूसखोरी में तत्कालीन चीफ यार्ड मास्टर को चार साल की सजा

नवभारतटाइम्स.कॉम

आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के पूर्व चीफ यार्ड मास्टर रफी अहमद को सीबीआई अदालत ने दोषी पाया है। उन्हें रिश्वतखोरी के मामले में चार साल की जेल और दस हजार रुपये का जुर्माना हुआ है। यह फैसला सोमवार को सुनाया गया। रफी अहमद पर ठेकेदार से काम में ढील के बदले 30 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप था।

former chief yard master sentenced to four years in jail for bribery rs 10000 fine

n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : गाजियाबाद की सीबीआई अदालत ने आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के तत्कालीन चीफ यार्ड मास्टर रफी अहमद को रिश्वतखोरी के मामले में दोषी ठहराते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। यह फैसला सोमवार को सुनाया गया। अदालत ने माना कि एक लोकसेवक द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर रिश्वत मांगना गंभीर अपराध है, जिससे सरकारी तंत्र की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।

सीबीआई के मुताबिक, रफी अहमद के खिलाफ 4 जुलाई 2015 को मामला दर्ज किया गया था। आरोप था कि उन्होंने एक ठेकेदार से रेलवे में गार्ड्स लाइन बॉक्सों की लोडिंग और अनलोडिंग के काम में कथित रूप से संतोषजनक प्रदर्शन न होने पर लगाए गए जुर्माने को कम करने के बदले 30 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने जांच शुरू की और ट्रैप टीम गठित की। जांच के दौरान सीबीआई ने आरोपित को शिकायतकर्ता से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इसके बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। जांच पूरी होने पर 24 नवंबर 2015 को विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया। लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध किए, जिसके बाद अदालत ने दोषसिद्धि और सजा का आदेश दिया।