अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर हमलों को 6 अप्रैल तक रोकने और बातचीत की बात कही है, लेकिन इससे निवेशकों का भरोसा नहीं लौटा। ईरान की तरफ से जवाबी कार्रवाई जारी है और अमेरिका के प्रस्तावों पर कोई सहमति बनती नहीं दिख रही। कच्चा तेल 111 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से महंगाई और मंदी का डर बढ़ गया है। इन तमाम बातों ने निवेशकों के रिस्क लेने की हिम्मत को कम कर दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक युद्ध के मोर्चे पर शांति नहीं होती, बाजार में ऐसी ही अस्थिरता बनी रह सकती है।




