n NBT न्यूज, दादरी
मिहिर भोज पीजी कॉलेज के परिसर में आयोजित समाजवादी पार्टी की महा रैली में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। रैली के केंद्र में कानून-व्यवस्था और एसआईआर का मुद्दा रहा। अखिलेश ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा एसआईआर को एक मुखौटे की तरह इस्तेमाल कर रही थी, लेकिन समाजवादी कार्यकर्ताओं की सक्रियता ने इस साजिश को नाकाम कर दिया। उन्होंने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में हो रहे कई एनकाउंटर फर्जी हैं, जिससे न केवल मानवाधिकारों का हनन हो रहा है, बल्कि प्रशासनिक तंत्र पर भी अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है।
PDA सामाजिक न्याय की आवाज : अखिलेश यादव ने अपने भाषण में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को सामाजिक न्याय का सबसे बड़ा आंदोलन बताया। उन्होंने कहा कि पीडीए केवल एक चुनावी गठबंधन नहीं है, बल्कि यह उन शोषितों और वंचितों की आवाज है जिन्हें वर्षों से भेदभाव का सामना करना पड़ा है। उन्होंने जनता को आगाह किया कि मौजूदा सरकार संविधान को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि संविधान ही कमजोर वर्गों का सबसे बड़ा रक्षक है और अगर संविधान बचेगा तभी सामाजिक न्याय सुरक्षित रहेगा।
भीड़ के बीच अव्यवस्था, टेंट के पोल पर चढ़े युवा : रैली में भारी जनसैलाब उमड़ा, लेकिन इस दौरान सुरक्षा और प्रबंधन की बड़ी चूक भी नजर आई। अखिलेश यादव की एक झलक पाने और वीडियो बनाने के लिए दर्जनों युवा जान जोखिम में डालकर टेंट के लोहे के पोल पर चढ़कर बैठ गए। न तो पुलिस और न ही पार्टी के वॉलंटियर्स ने उन्हें रोकने की कोशिश की। सुबह 10 बजे से ही लोग गाजीपुर से लेकर दादरी तक के बैनरों के साथ जुटने लगे थे। भीषण गर्मी और पंडाल में रोशनी के अभाव के बावजूद लोग दोपहर 3 बजे तक डटे रहे।
सुरक्षा व्यवस्था और रूट डायवर्जन : रैली के दौरान वीआईपी गेट और हेलीपैड से मंच तक के रास्ते पर भारी भीड़ के कारण पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हेलीपैड से मंच तक का रास्ता पूरी तरह जाम हो गया था। सुरक्षा के मद्देनजर जीटी रोड पर धूमानिकपुर बाइपास और आरवी नॉर्थ लेन से वाहनों का रूट डायवर्ट किया गया। डीसीपी ग्रेटर नोएडा डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था में 200 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे और पार्किंग के लिए अलग से मुकम्मल इंतजाम किए गए थे। अखिलेश यादव ने अंत में भाजपा नेताओं के पाला बदलने की खबरों पर चुटकी लेते हुए कहा कि यह रैली 2027 के महापरिवर्तन का शंखनाद है।


