n NBT न्यूज, गुड़गांव
सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी नए निर्देशों के तहत अब स्कूलों में मरम्मत और सफाई से जुड़े काम प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएंगे। इसके लिए स्कूल प्राचार्यों और हेडमास्टर्स को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नए निर्देशों के तहत एक लाख रुपये तक के मरम्मत के काम स्कूल स्तर पर ही किए जा सकेंगे।
मरम्मत कराने के लिए स्थानीय खरीद समिति गठित की जाएगी। सालभर में ऐसे कामों पर कुल खर्च पांच लाख रुपये से अधिक नहीं होगा। कार्य सूची में बाउंड्री वॉल की मरम्मत, पेयजल व्यवस्था सुधार, शौचालयों की देखरेख, छोटे सिविल कार्य और स्कूल परिसर की सफाई जैसे बिंदु शामिल हैं। इन कामों की निगरानी भी स्कूल स्तर पर ही की जाएगी और साप्ताहिक रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी। अगर किसी स्कूल में पर्याप्त फंड उपलब्ध नहीं है तो वह सात दिनों के भीतर जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से मुख्यालय को प्रस्ताव भेज सकेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि काम प्राथमिकता से पूरे हों ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।


