विज्ञापन पर क्लिक करते ही वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ 87 लाख रुपये उड़ाए

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फरीदाबाद पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 87 लाख रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने 2000 प्रतिशत लाभ का झांसा देकर एक व्यक्ति से यह रकम ठगी थी। पुलिस रिमांड पर लेकर गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

clicked on ad added to whatsapp group lost 87 lakhs two share market fraudsters arrested

nNBT न्यूज, फरीदाबाद

साइबर थाना एनआईटी की टीम ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 87 लाख 60 हजार रुपये की ठगी के मामले में दो आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरजीत (23) निवासी गांव मंदौली, दिल्ली और आकाशदीप (25) निवासी होशियारपुर, पंजाब के रूप में हुई है।

2000 प्रतिशत तक लाभ का दिया झांसा : पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक आरोपी हरजीत ने मुकुल नामक युवक से बैंक खाता लेकर उसे आगे आकाशदीप को दे दिया था। इस खाते में करीब 2 लाख रुपये की ठगी की रकम आई थी। मामले में पहले ही मुकुल को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, ताकि उनसे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। सेक्टर-21 निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना एनआईटी में शिकायत दी थी कि अक्टूबर 2025 में वह यूट्यूब पर सर्फिंग कर रहा था। इसी दौरान उसे शेयर मार्केट में निवेश से संबंधित एक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन पर क्लिक करते ही उसे एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया। इसके बाद एक अज्ञात नंबर से कॉल आई, जिसमें 2000 प्रतिशत तक लाभ का झांसा देकर अपर सर्किट शेयरों की खरीद-बिक्री और डीएमए (डायरेक्ट मार्केट एक्सेस) अकाउंट के जरिए हाई डिस्काउंट पर आईपीओ अलॉटमेंट का लालच दिया गया।

नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास : झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल 87 लाख 60 हजार रुपये आरोपियों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में न तो उसे कोई मुनाफा मिला और न ही उसकी रकम वापस आई। इसके बाद पीड़ित ने साइबर थाना एनआईटी में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ कर पूरे साइबर ठगी नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।