बिना कनेक्शन वालों का चूल्हा बुझने की नौबत, छोटे सिलिंडर पर भी अब संकट

नवभारतटाइम्स.कॉम

नोएडा में गैस की भारी किल्लत से हजारों प्रवासी परेशान हैं। जिनके पास कनेक्शन नहीं है, उनका चूल्हा बुझने की नौबत आ गई है। पहले 5 किलो का छोटा सिलेंडर आसानी से मिल जाता था, लेकिन अब यह भी केवल नियमित ग्राहकों को दिया जा रहा है। इससे मजदूरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

gas cylinder crisis in noida stoves of unconnected go out small cylinders also in danger

n तुषार शर्मा, नोएडा

नोएडा जैसे औद्योगिक शहर में रोजी-रोटी की तलाश में आए हजारों प्रवासियों के सामने अब एक नया और गंभीर संकट खड़ा हो गया है। शहर में जारी गैस की भारी किल्लत के बीच उन लोगों की रसोई ठंडी पड़ने लगी है, जिनके पास अपना स्थाई गैस कनेक्शन नहीं है। अब तक इन लोगों का एकमात्र सहारा 5 किलो वाला छोटा सिलिंडर था, जो आधार कार्ड के जरिए ₹1500 में आसानी से मिल जाता था। लेकिन रविवार से गैस एजेंसियों ने इस छोटी राहत को भी अपने नियमित ग्राहकों (कनेक्शन धारकों) को देना शुरू कर दिया है।

इस अचानक हुए बदलाव ने उन मजदूरों और कामगारों की कमर तोड़ दी है, जो किराए के कमरों में रहकर अपना पेट पाल रहे हैं।

गैस की भारी कमी को देखते हुए एजेंसियों के बाहर सुबह 5 बजे से ही लंबी कतारें लग रही हैं। इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की होती है जिनके पास कनेक्शन नहीं है। पूर्व में व्यवस्था थी कि ₹1500 जमा कर और आधार कार्ड दिखाकर कोई भी व्यक्ति छोटा सिलिंडर ले सकता था। इसमें ₹1000 सिक्योरिटी मनी थी, जो सिलिंडर वापस करने पर मिल जाती थी। अब किल्लत इतनी बढ़ गई है कि एजेंसी संचालकों ने छोटे सिलिंडर को भी केवल अपने रजिस्टर्ड ग्राहकों को देना शुरू कर दिया है।

गैस न मिलने के कारण मजदूर बस्तियों और हरौला, बरौला व सेक्टर-8 जैसे इलाकों में हाहाकार मचा है। शहरी क्षेत्र में रहने के कारण ये लोग लकड़ी या कोयले का चूल्हा नहीं जला सकते, क्योंकि अधिकांश मकान मालिकों ने धुएं और सुरक्षा कारणों से इसकी सख्त मनाही कर रखी है। ऐसे में होटल से खाना खरीदना इनकी जेब पर भारी पड़ रहा है। प्रवासियों का कहना है कि प्रशासन के दावे जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं और एजेंसियां केवल रसूखदारों और पुराने ग्राहकों की ही सुन रही हैं।