मायावती ने समाजवादी पार्टी की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि एसपी सरकार ने विकास पर ध्यान देने के बजाय उनकी सरकार की योजनाओं को खत्म करने में समय बर्बाद किया। BSP सुप्रीमों ने आरोप लगाया कि एसपी सरकार 'जातिवादी और राजनीतिक द्वेष' वाले कामों में लगी रही, जिसमें संस्थानों के नाम बदलना और दलित समाज के संतों व गुरुओं के सम्मान में बनाए गए स्मारकों और पार्कों की अनदेखी करना शामिल था।


