महाराजा सूरजमल की प्रतिमा से जाट शब्द हटाने पर हंगामा

नवभारत टाइम्स

मेरठ में महाराजा सूरजमल की प्रतिमा के अनावरण के दौरान 'जाट' शब्द हटाए जाने से समाज के लोग नाराज हो गए। उन्होंने मौके पर ही धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने पुलिस-प्रशासन पर समाज का अपमान करने का आरोप लगाया। नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।

महाराजा सूरजमल की प्रतिमा से जाट शब्द हटाने पर हंगामा
(फोटो- नवभारत टाइम्स)

मेरठ में रविवार को महाराजा सूरजमल की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब प्रतिमा की फाउंडेशन वॉल से ‘जाट’ शब्द हटाने का मामला सामने आया। इससे नाराज समाज के लोग मौके पर ही धरने पर बैठ गए और जमकर विरोध किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन ने जानबूझकर ‘जाट’ शब्द हटाकर समाज का अपमान किया है। उनका कहना था कि रात में प्रतिमा के नीचे ‘जाट’ शब्द की प्लेट लगी थी, लेकिन सुबह वह गायब मिली। गेट पर लिखा ‘जाट’ शब्द भी पेंट कर ढक दिया गया।

कार्यक्रम में मौजूद नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने मंच से इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अगर बात नहीं बनी तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता संजीव बालियान ने भी मामले को गंभीर बताया। हंगामे के बीच प्रशासन और लोगों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। अधिकारियों ने सफाई दी कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार जातिसूचक शब्द नहीं लिखे जा सकते। साथ ही उन्होंने समाधान के लिए 10 दिन का समय मांगा।

हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि यदि तय समय में ‘जाट’ शब्द दोबारा नहीं लिखा गया तो 16वें दिन उसी स्थान पर पंचायत कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।