n NBT न्यूज, गाजियाबाद
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर लाखों श्रमिकों को अब बढ़ी हुई सैलरी मिलेगी। साथ ही हर महीने की सात तारीख से पहले उनका वेतन हाथों में होगा। इसका पालन नहीं करने वालों पर प्रशासन एक्शन लेगा। एक अनुमान के मुताबिक पंजीकृत श्रमिकों की संख्या करीब 3 लाख है जबकि कुल 15 लाख से ज्यादा लोग विभिन्न सेक्टरों में काम कर रहे हैं।
गाजियाबाद में करीब 2.28 हजार छोटे-बड़े उद्योग हैं। इनमें लगभग 15 लाख श्रमिक कार्यरत हैं। इनमें से केवल तीन लाख ही पंजीकृत हैं। सरकार के आदेश के अनुसार गाजियाबाद में संशोधित न्यूनतम मासिक वेतन अकुशल श्रमिक 13,690 (पहले 11,313 रुपये), अर्द्ध -कुशल श्रमिक15,059 (पहले 2,445) ओर कुशल श्रमिक का वेतन 16,868 रुपये (पहले 13,940 था) किया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि हर हाल में महीने की 7 तारीख तक वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। सरकारी आदेशों के पालन को लेकर जिला प्रशासन और श्रम विभाग सक्रिय हो गया है। इस संबंध में डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने श्रम और उद्योग विभाग की मीटिंग कर श्रमिकों को निर्धारित वेतन उपलब्ध कराने के लिए कहा है। अधिकारी भौतिक सत्यापन कर यह सुनिश्चित कर रहे कि श्रमिकों को बढ़ा हुआ वेतन और अन्य सुविधाएं वास्तव में मिल रही हैं या नहीं।
अन्याय हुआ तो करेंगे आंदोलन
सीटू के जिला सचिव बृजेश चौहान का कहना है कि सरकार ने श्रमिकों का वेतन बढ़ाकर स्वागतयोग्य कदम उठाया है। लेकिन महंगाई लगातार बढ़ रही है, ऐसे में वेतन वृद्धि भी लगातार उसी अनुपात में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को समय पर वेतन और सभी बुनियादी सुविधाएं मिलना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी श्रमिक के साथ अन्याय हुआ तो श्रमिका संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा।


