Akhilesh.Tiwari@Timesofindia.com
जेजे के पायधुनी इलाके में अब्दुल्ला परिवार के चार लोगों की रहस्यमय हालात में हुई मौत पुलिस के लिए चुनौती बन गई है। 17 दिन बाद भी यह पहेली सुलझी नहीं है कि आखिर इन चारों को जहर किसने दिया ? लोग इसे आरुषि हत्याकांड जैसा केस बताने लगे हैं।
थ्योरी नंबर 1 : अगर चारों ने आत्महत्या की तो...
इस केस में एक थ्योरी यह बन रही है कि अब्दुल्ला परिवार के चारों लोगों ने चूहे मारने की दवा खाकर आत्महत्या की। चारों ने तरबूज पर छिड़का हुआ जिंक फॉस्फाइड यानी जहर खाया। इसकी पुष्टि एफएसएल और हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट में हो चुकी है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अगर आत्महत्या की गई है तो मरने से पहले अब्दुल्ला और उसकी बेटी आयशा ने अपने बयान में यह खुलासा क्यों नहीं किया? आत्महत्या करनी होती तो अब्दुल्ला की पत्नी सबकी हालत बिगड़ने पर डॉक्टर को फोन करके क्यों बुलाती?
थ्योरी नंबर 2 : अब्दुल्ला ने तीनों को जहर दिया?
एक थ्योरी यह है कि अब्दुल्ला ने तीनों को जहर दिया और फिर खुद जहर खाकर जान दी। पुलिस इस दिशा में भी कोई ठोस सबूत, बयान या क्लू हासिल नहीं कर पाई है। सैकड़ों लोगों से पुलिस बात कर चुकी है लेकिन न तो यह संकेत सामने आया कि अब्दुल्ला को ऐसा कोई तनाव था। न ही कोई और ठोस वजह अब तक सामने आई। यहां तक की जहर की शीशी या रैपर तक घर में नहीं मिला। ऐसे में पुलिस के लिए कुछ भी कह पाना मुश्किल हो गया है।
थ्योरी नंबर 3 : क्या किसी बाहरी व्यक्ति ने चारों को जहर दिया?
एक थ्योरी यह है कि किसी बाहरी व्यक्ति ने चारों को साजिशन जहर खिलाया। हालांकि पुलिस को इस दिशा में भी कोई क्लू अब तक नहीं मिला। उस रात कुछ रिश्तेदार डिनर पर आए थे। पुलिस सबसे क्रॉस क्वेश्चिनिंग कर चुकी है। किसी ठोस नतीजे पर पुलिस यहां भी नहीं पहुंची। सबके जाने के तीन घंटे बाद इन्होंने तरबूज खाया था। तब तक सब फिल्म देख रहे थे।
थ्योरी नंबर 4 : क्या चारों ने गलती से जहर खाया?
इस थ्योरी के सही होने की संभावना इसलिए पुलिस को कम लग रही है क्योंकि फ्रिज में जो बचा हुआ आधा तरबूज मिला, उसमें भी जिंक फॉस्फाइड पाया गया। गलती से जहर तरबूज में लगा होता तो फ्रिज वाले तरबूज पर इसे लगाकर नहीं रखा जाता।

