nNBT रिपोर्ट, लखनऊ : परिवहन निगम ने आउटसोर्सिंग पर संचालित 19 डिपो की एसी बसों की मेंटेनेंस व्यवस्था सुधारने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रधान प्रबंधक (प्राविधिक) आरबीएल शर्मा ने निर्देश दिया है कि कोई भी एसी बस बिना खिड़की पर्दों के संचालन में न भेजी जाए। हर वर्ष बसों में नए पर्दे लगाए जाएंगे और फ्लीट के अनुसार 25% अतिरिक्त पर्दे भी सुरक्षित रखे जाएंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत बदले जा सकें।
सफाई और तकनीकी जांच पर जोर
निर्देशों में कहा गया है कि पर्दों की धुलाई हर महीने करवाना अनिवार्य है। यात्री गैलरी की मैटिंग खराब होने पर उसे तुरंत बदला जाए। फैब्रिक सीट कवर वाली बसों की नियमित सफाई और सीटों की ड्राई क्लीनिंग भी करवाई जाए। बसों में लगे सभी 13 कोच फैन संचालन से पहले जांचे जाएंगे। यात्रियों को मोबाइल चार्जिंग सुविधा सुचारु मिले, इसके लिए इनवर्टर और अन्य सिस्टम की नियमित मेंटेनेंस के निर्देश दिए गए हैं। कटी-फटी वायरिंग ठीक करने, फर्स्ट एड बॉक्स रखने और बस के दरवाजों व खिड़कियों से हवा आने को रोकने को भी कहा गया है।
निजी डिपो में भी नहीं सुधरे हालात
प्रदेश के 19 डिपो निजी कंपनियों को सौंपे जाने के बावजूद व्यवस्था में खास सुधार नहीं दिख रहा है। अवध डिपो समेत कई स्थानों पर बसों की खराब मेंटेनेंस और तकनीकी दिक्कतें अब भी बनी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की कमी के कारण आउटसोर्सिंग का फैसला लिया गया था, लेकिन यात्रियों की परेशानियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी हैं।


