nNBT रिपोर्ट, नोएडा
एक तरफ चमचमाती इमारत और दावों का शोर, दूसरी तरफ सिस्टम की बेरुखी के बीच जिंदगी और मौत की खामोश जंग। नोएडा के सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल से सामने आई एक झकझोर देने वाली तस्वीर ने सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी है। अस्पताल की दूसरी मंजिल की एक बेंच पर बैठे 32 साल के युवक की इलाज की उम्मीद में हाथ में पर्चा थामे डॉक्टरों के इंतजार में बैठे-बैठे मौत हो गई। अस्पताल के चौबीसों घंटे दौड़ते स्टाफ और गार्ड्स को भनक तक नहीं लगी। जब रात के सन्नाटे में करीब 11:30 बजे गार्ड की नजर पड़ी, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। शुरुआती जांच में मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने इमरजेंसी रिस्पॉन्स और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतक की पहचान नीरज कुमार (32), पुत्र घनश्याम के रूप में हुई है। वह 14 मई की रात जिला अस्पताल आया था। उसके हाथ से एक पर्चा भी मिला है, लेकिन उस पर नाम और पता दर्ज नहीं था। पुलिस के मुताबिक, उसके शरीर पर किसी चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस डॉक्टरों और स्टाफ से पूछताछ करने के साथ ही सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अजय राणा ने बताया कि युवक इलाज के लिए आया था, लेकिन वह भर्ती नहीं हुआ था। प्रारंभिक आशंका हार्ट अटैक की है, हालांकि असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी। उसका अल्ट्रासाउंड करके उपचार किया जा रहा था, लेकिन इलाज के बाद दूसरी मंजिल पर कैसे गया इसके लिए सीसीटीवी कैमरे देखे जा रहे हैं।


