अब चाइल्ड पीजीआई में हो सकेंगे MRI और सीटी स्कैन

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प्रदेश सरकार ने चाइल्ड पीजीआई में बच्चों के लिए नौ करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। इससे अस्पताल में एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी अत्याधुनिक मशीनें लगेंगी। अब गंभीर बीमारियों की जांच यहीं हो सकेगी। इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों बचेगा। जिम्स हॉस्पिटल के अलावा अब चाइल्ड पीजीआई में भी एमआरआई की सुविधा मिलेगी।

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n NBT न्यूज,नोएडा

प्रदेश सरकार ने चाइल्ड पीजीआई में बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए करीब नौ करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। इस बजट से अस्पताल में कई अत्याधुनिक जांच मशीनें लगाई जाएंगी, जिससे गंभीर बीमारियों की जांच और इलाज पहले से अधिक बेहतर और तेज हो सकेगा।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार नई मशीनों के आने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में कई विशेष जांचों के लिए बच्चों को निजी लैब या दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। नई मशीनों के स्थापित होने के बाद अधिकांश जांचें चाइल्ड पीजीआई परिसर में ही हो सकेंगी। इससे मरीजों और उनके परिजनों का समय और खर्च दोनों कम होंगे। पीजीआई के डायरेक्टर डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार बच्चों के इलाज को लेकर गंभीर है। इसी उद्देश्य से अस्पताल को 9 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन की ओर से जरूरी मशीनों की मांग शासन को भेज दी गई है और मंजूरी मिलने के बाद खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डॉ. अरुण कुमार के मुताबिक, इस बजट से विभिन्न विभागों के लिए आधुनिक जांच उपकरण खरीदे जाएंगे। इन मशीनों से नवजात और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों की जांच और इलाज में काफी मदद मिलेगी। डॉक्टरों का कहना है कि नई तकनीक आधारित मशीनों से जांच की गुणवत्ता में सुधार होगा और रिपोर्ट कम समय में उपलब्ध हो सकेगी। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि नई मशीनों के आने के बाद चाइल्ड पीजीआई में उपचार सुविधाएं और मजबूत होंगी। साथ ही प्रदेश के दूसरे जिलों से आने वाले मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। जिले में एमआई की सुविधा केवल जिम्स हॉस्पिटल में है। लेकिन चाइल्ड पीजीआई में यह मशीन आने के बाद मरीज को किसी और अस्पताल में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि अभी एमआरआई करने के लिए मरीज को दूसरे अस्पताल जाना पड़ता है।