n NBT न्यूज,नोएडा
डेंगू की बीमारी पहले बरसात के मौसम में लोगों के लिए खतरा बना करती थी। अब यह रोग हर मौसम में लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। पहले जहां डेंगू दो वर्षों के अंतराल पर गंभीर रूप लेता था, वहीं अब एक साल के अंतराल में इसका विकराल रूप सामने आ रहा है। इस तरह मौसमी रोग माने जाने वाला डेंगू अब सालभर की चुनौती बन गया है।
पिछले एक साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी 2025 से लेकर दिसंबर 2025 तक डेंगू के 658 मामले सामने आए। जनवरी 2026 से अप्रैल तक इसके तीन केस मिले हैं। इस साल तीन मामले मिलने के बाद चिंता और बढ़ गई है कि अभी तो बरसात का मौसम आना बाकी है। एक समय था जब डेंगू केवल अगस्त से नवंबर तक सीमित रहता था, लेकिन अब जनवरी, फरवरी और मार्च में भी मरीज मिल रहे हैं। 2025 के जनवरी में 23, फरवरी में 15 और मार्च में 22 मामले सामने आए। 2024 और 2026 के शुरुआती महीनों में कई केस मिले। इससे साफ है कि मौसम में बदलाव, जलभराव और मच्छरों के बढ़ते प्रजनन स्थलों के कारण डेंगू अब पूरे साल फैल रहा है।स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि 2025 में जिले में डेंगू से किसी मरीज की मौत नहीं हुई। डेंगू, मलेरिया अधिकारी श्रुति कीर्ति वर्मा ने बताया कि 2025 में करीब दो लाख लोगों की जांच की गई। उन्होंने कहा कि लोगों को घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए और बुखार आने पर तुरंत जांच करानी चाहिए।
रोकथाम के लिए हैं 15 टीमें
जिले में बढ़ते डेंगू मामलों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 15 विशेष टीमें गठित की थीं। इन टीमों को घर-घर सर्वे, लार्वा जांच, फॉगिंग और लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बावजूद जिले में डेंगू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें कई इलाकों में पानी जमा होने वाले स्थानों की जांच कर रही हैं, लेकिन हालात पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ पाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को भी सतर्क रहने और घरों के आसपास साफ-सफाई रखने की जरूरत है, तभी डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।


