अस्पताल के कचरे से नहीं फैलेगा प्रदूषण

नवभारतटाइम्स.कॉम

केजीएमयू ने अस्पतालों से निकलने वाले लिक्विड वेस्ट के सुरक्षित निपटान की शुरुआत की है। यह वेस्ट पर्यावरण और सेहत के लिए खतरा बन सकता है। केजीएमयू के यूनिवर्सिटी एनवायरनमेंट डिपार्टमेंट को सेंट्रल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी के लिए अधिकृत किया गया है। सीवर के पानी में प्रदूषण कम करने के लिए ईटीपी लगाए जा रहे हैं।

अस्पताल के कचरे से नहीं फैलेगा प्रदूषण

nNBT न्यूज, लखनऊ : अस्पतालों से निकलने वाला लिक्विड वेस्ट अगर बिना ट्रीटमेंट के बाहर छोड़ दिया जाए, तो यह पर्यावरण और लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। इसी खतरे को भांपते हुए केजीएमयू ने लिक्विड वेस्ट को बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के तहत प्री-ट्रीट कर सुरक्षित तरीके से डिस्पोज करने की सफल शुरुआत की है। शुक्रवार को केजीएमयू में पर्यावरण संरक्षण और वेस्ट मैनेजमेंट पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में यह जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम में बैंगलोर से आए विशेषज्ञ प्रफेसर डॉ. रंगनाथ ने बताया कि केजीएमयू का यूनिवर्सिटी एनवायरनमेंट डिपार्टमेंट, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) से सेंट्रल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी के लिए पूरी तरह अधिकृत है। डॉ. रंगनाथ ने बताया कि लिक्विड वेस्ट का निस्तारण किया जा रहा है। सीवर के पानी में प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए अस्पताल की अलग-अलग बिल्डिंगों में ईटीपी (इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) लगाए गए हैं। संस्थान परिसर में बन रही सभी नई बिल्डिंगों में भी ईटीपी लगाने की प्रक्रिया चल रही है।