n NBT रिपोर्ट,नई दिल्ली
आदर्श नगर में रहने वाली 20 साल की अंशिका पांडे ने गुरुवार को अपने घर में खुदकुशी कर ली। वह नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। आत्महत्या के बाद उनके परिजन बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार करने श्मशान घाट पहुंच गए। लेकिन वहां के पुजारी को शक हुआ और शव को देखने के बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस वाले मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में ले लिया। उसके बाद पोस्टमॉर्टम के लिए शव को बाबू जगजीवन राम अस्पताल भेज दिया। पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। वहीं परिवार वालों को शक है कि नीट की परीक्षा रद्द होने की वजह से उसने खुदकुशी की है। फिलहाल आदर्श नगर पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
नॉर्थ-वेस्ट जिले की डीसीपी आकांक्षा यादव ने बताया कि मृतका के परिवार के सदस्य कानूनी प्रक्रिया से अनभिज्ञ होने के कारण शव को सीधे अंतिम संस्कार के लिए ले आए थे। क्राइम टीम और एफएसएल ने घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि उसने यह कदम क्यों उठाया। जांच के दौरान कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
पुजारी को हुआ शक तो पुलिस को कर दी कॉल: पुलिस अधिकारी के मुताबिक श्मशान घाट के पुजारी रिंकू शर्मा ने बताया कि गुरुवार शाम को परिवार के सदस्य एक युवती के अंतिम संस्कार के लिए हमारे पास आए। जब मैंने उनसे मृत्यु का कारण पूछा, तो उन्होंने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से बीमार थी। जब मैंने मृतक का आधार कार्ड और अस्पताल के रिकॉर्ड मांगे, तो उन्होंने आधार कार्ड तो दिखा दिया, लेकिन कोई भी मेडिकल दस्तावेज नहीं दे पाए, जिससे संदेह पैदा हुआ। जब मैंने शव की जांच की, तो मुझे गर्दन के आसपास एक निशान दिखाई दिया जो संदिग्ध लग रहा था। कुछ गड़बड़ महसूस करते हुए पुलिस को सूचना दी।


