n सोनिया, गुड़गांव
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और शिक्षकों को रिसर्च आधारित प्रशिक्षण से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। परिषद ने वर्ष 2026-27 के लिए शिक्षको की प्रशिक्षण जरूरतों के आकलन का सर्वे पूरा होने के बाद अब आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में एससीईआरटी की ओर से सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के प्रिंसिपल को आवश्यक निर्देश जारी किए गए। परिषद का उद्देश्य यह जानना है कि शिक्षकों को किन विषयों और क्षेत्रों में अधिक प्रशिक्षण की आवश्यकता है और वे नई तकनीकों और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों में किस प्रकार की स्किल विकसित करना चाहते हैं। इसके आधार पर भविष्य के प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे।
शिक्षकों से मांगी गई थी जानकारी: एससीईआरटी की ओर से तैयार किए गए फॉर्म के माध्यम से शिक्षकों की प्रशिक्षण जरूरतों का आकलन किया गया। इसमें शिक्षकों से उनकी विषयगत जरूरत, डिजिटल शिक्षा , रिसर्च, नई शिक्षण तकनीकों और कक्षा प्रबंधन से जुड़े सवाल पूछे गए। सभी डाइट को निर्देश दिए थे कि वे अपने जिलों के स्कूलों तक सूचना पहुंचाएं और अधिक से अधिक शिक्षकों से फॉर्म भरवाना सुनिश्चित करें। इसके लिए डाइट स्तर पर गठित रिसर्च कमेटियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
बदलते दौर में जरूरी हो रही नई स्किल: परिषद का मानना है कि वर्तमान समय में पढ़ाने के तरीके तेजी से बदल रहे हैं। डिजिटल एजुकेशन, स्मार्ट क्लास, रिसर्च आधारित शिक्षण और नई तकनीकों को अपनाना अब जरूरी हो गया है। शिक्षकों को समय के अनुसार अपडेट करना आवश्यक है ताकि छात्रों को बेहतर और प्रभावी शिक्षा मिल सके।

