जनगणना ड्यूटी में लापरवाही पर 9 सुपरवाइजरों पर FIR

नवभारतटाइम्स.कॉम

फरीदाबाद नगर निगम ने जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने वाले नौ सुपरवाइजरों पर एफआईआर दर्ज कराई है। संयुक्त आयुक्त के आदेश पर एसजीएम नगर थाने में केस दर्ज हुआ है। यह कार्रवाई जनगणना अधिनियम की धारा 11 के तहत की गई है। कई सुपरवाइजर ड्यूटी से अनुपस्थित रहे और सरकारी आदेशों का पालन नहीं किया।

census duty negligence fir filed against 9 supervisors strict action for disobeying government orders

- एसजीएम नगर थाने में दर्ज कराया गया है केस, नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर के आदेश पर की गई कार्रवाई

NBT रिपोर्ट, फरीदाबाद

नगर निगम ने वर्ष 2026 की जनगणना प्रक्रिया में लापरवाही और सरकारी ड्यूटी का पालन नहीं करने के आरोप में नौ सुपरवाइजरों के खिलाफ एसजीएम नगर थाने में केस दर्ज कराया है। यह कार्रवाई संयुक्त आयुक्त (टैक्स) एवं अतिरिक्त सिटी सेंसस अधिकारी की शिकायत पर की गई। पुलिस ने जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 11 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक नगर निगम द्वारा जनगणना कार्य के लिए विभिन्न शिक्षकों और कर्मचारियों को सुपरवाइजर व एन्यूमरेटर के रूप में नियुक्त किया गया था। नियुक्ति से पहले सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया और बाद में उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों में जिम्मेदारी सौंपी गई थी। आरोप है कि नियुक्ति और प्रशिक्षण के बावजूद कुछ सुपरवाइजर लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित रहे तथा कई बार निर्देश दिए जाने के बाद भी उन्होंने कार्यभार नहीं संभाला। नगर निगम की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि जनगणना कार्य राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसे कानून के तहत अनिवार्य जिम्मेदारी माना गया है। ऐसे में सरकारी आदेशों की अवहेलना और ड्यूटी से जानबूझकर दूरी बनाना कानूनी उल्लंघन की श्रेणी में आता है। विभाग का कहना है कि संबंधित कर्मचारियों को पर्याप्त अवसर और निर्देश दिए गए, लेकिन उन्होंने आदेशों का पालन नहीं किया, जिससे जनगणना कार्य प्रभावित हुआ।

इनके खिलाफ दर्ज हुए केस

शिकायत में जिन सुपरवाइजरों के नाम शामिल हैं उनमें डॉ. अर्चना मित्तल, डॉ. भावना शर्मा, डॉ. प्रियंका गौर, मोनिका खत्री, पूनम सिंह, शोभा भाटिया, वंदना जैन, नीतू जुनेजा और अलका नरूला शामिल हैं। सभी के खिलाफ जनगणना अधिनियम की धारा 11 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। उधर नगर निगम प्रशासन ने सभी संबंधित सुपरवाइजरों और एन्यूमरेटरों को तत्काल जनगणना ड्यूटी पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारी सरकारी आदेशों की अनदेखी करते रहे तो उनके खिलाफ आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।