युद्ध और भू-राजनीतिक तनावों के कारण दुनिया भर में महंगाई तेजी से बढ़ रही है। तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल आया है। इसके साथ ही यूरिया, सोया तेल, गेहूं और एल्यूमिनियम जैसी जरूरी वस्तुएं भी महंगी हो गई हैं। इसका सीधा असर उद्योगों, निर्माण कार्यों और खेती की लागत पर पड़ रहा है। डीजल और परिवहन खर्च बढ़ने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आम आदमी की बचत घट रही है, जिससे निवेश और उद्योग विस्तार पर असर पड़ रहा है। यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो रोजगार संकट और आर्थिक मंदी की आशंका बढ़ सकती है। -अंजनी कुमार दाधीच, ईमेल से

