105 साल की दादी को पालकी में बैठा करा रहे परिक्रमा

नवभारतटाइम्स.कॉम

ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में एक अनोखी तस्वीर सामने आई है। 105 वर्षीय दादी किरण देवी को उनके पोते पालकी में बिठाकर परिक्रमा करा रहे हैं। यह परिवार उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले का रहने वाला है। सभी पोतों की इच्छा थी कि वे दादी के लिए श्रवण कुमार बनें।

105 year old grandmother being carried in a palanquin by grandsons for braj 84 kos parikrama refreshing memories of shravan kumar

n राजीव प्रजापति, नूंह

सतयुग में श्रवण कुमार ने अपने माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर चारधाम यात्रा कराई थी, लेकिन कलयुग में भी ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो लोगों के दिलों को छू रही है और सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।

ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में 105 वर्षीय बुजुर्ग दादी किरण देवी को उनके पोते पालकी में बैठाकर परिक्रमा करा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के गांव सुसायत कला के रहने वाला सोलंकी परिवार मंगलवार को गांव बिछौर पहुंचा, जहां से आगे रवाना हो गए। जानकारी के अनुसार, किरण देवी के दो बेटे हैं और परिवार में कुल 10 पोते हैं। सभी की इच्छा थी कि दादी को पालकी में बैठाकर पूरे ब्रज 84 कोस की परिक्रमा कराएं। इसी संकल्प के साथ उन्होंने 18 मई से अपनी यात्रा शुरू की। वे रोज करीब 20 किलोमीटर की यात्रा तय कर रहे हैं। बड़े पोते राहुल सोलंकी ने बताया कि हम भी दादी के लिए श्रवण कुमार बनना चाहते हैं। राधा रानी की कृपा से ही सब संभव हो रहा है।