पीटीआई, नई दिल्ली : भारती एयरटेल ने दूरसंचार विभाग (DoT) के एक पैनल के सामने अपनी नई प्रायोरिटी पोस्टपेड सर्विस का बचाव किया है। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने कहा है कि 5G नेटवर्क स्लाइसिंग पर आधारित यह सर्विस इंटरनेट की समानता के नियमों का उल्लंघन नहीं करती है। और न ही इससे प्रीपेड ग्राहकों के इंटरनेट की क्वॉलिटी में कोई गिरावट आती है। एयरटेल ने 19 मई को प्रायोरिटी पोस्टपेड प्लान लॉन्च किए थे। इसमें वादा किया गया है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी पोस्टपेड ग्राहकों को लगातार अच्छी इंटरनेट स्पीड मिलेगी। सूत्रों के अनुसार, कंपनी ने अपनी सफाई में कहा है कि एयरटेल की इस प्रायोरिटी फीचर से किसी भी ग्राहक (प्रीपेड हो या पोस्टपेड) के लिए सर्विस की क्वॉलिटी खराब नहीं होती। एयरटेल की तरफ से कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला है।
सूचना प्रौद्योगिकी पर बनी कमिटी द्वारा मांगी गई सफाई के जवाब में एयरटेल ने कहा कि 5G की खासियतों का इस्तेमाल कर सेवाएं देने की इजाजत नहीं दी गई, तो 6G तकनीक की संभावनाओं को खतरा हो सकता है।


